मेरठ में बारिश के मौसम के बीच हरी सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। मटर, फूलगोभी और मिर्च समेत कई सब्जियां 100 रुपये किलो से ऊपर पहुंच गई हैं। मंडी में आवक घटने से बाजार भाव बढ़े हैं, जबकि लौकी अपेक्षाकृत सस्ती है।
बारिश के मौसम में हरी सब्जियों की महंगाई ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। मटर, फूलगोभी और मिर्च समेत कई सब्जियों के दाम 100 रुपये किलो के पार पहुंच गए हैं। प्याज के भाव भी पिछले एक महीने से लोगों को परेशान कर रहे हैं। मंडी में सब्जियों की आवक घटने का असर सीधे बाजार भाव पर दिखाई दे रहा है।
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100 के पार पहुंचीं कई सब्जियां
सोमवार को नवीन सब्जी मंडी और शहर के अलग-अलग बाजारों में थोक और फुटकर सब्जियों के भाव का जायजा लिया गया। कई हरी सब्जियां 100 रुपये किलो या उससे अधिक में बिक रही हैं। इससे खासतौर पर मध्यमवर्गीय परिवारों की रसोई का खर्च बढ़ गया है।
मंडी से बाजार तक दोगुने से ज्यादा हो रहे दाम
मंडी में किसान से खरीदी गई सब्जियां शहर के फुटकर बाजार तक पहुंचते-पहुंचते कई गुना महंगी हो रही हैं। थोक और फुटकर कीमतों के बीच बड़ा अंतर होने का असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है।
बारिश में पानी भरने से घट रही आवक
आढ़ती एवं पूर्व अध्यक्ष सब्जी मंडी एसोसिएशन अशोक प्रधान के अनुसार बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से सब्जियों की तुड़ाई और मंडी तक पहुंच प्रभावित हुई है। आवक कम होने से हरी सब्जियों के भाव बढ़ रहे हैं।
प्याज ने एक महीने से निकाले आंसू
प्याज के भाव भी पिछले एक महीने से ऊंचे चल रहे हैं। बाजार के रुझान को देखते हुए इसके और महंगे होने की आशंका जताई जा रही है। प्याज की बढ़ती कीमत से पहले से महंगाई झेल रहे परिवारों का बजट और प्रभावित हो रहा है।
मिर्च भी हुई तीखी
सब्जियों की महंगाई के बीच मिर्च के भाव भी बढ़े हुए हैं। बाजार में इसकी कीमत बढ़ने से लोगों को अब मिर्च खरीदने में भी जेब ढीली करनी पड़ रही है।
लौकी ने दी राहत
जहां अधिकांश हरी सब्जियों के दाम बढ़े हुए हैं, वहीं लौकी अपेक्षाकृत सस्ती बनी हुई है। अशोक प्रधान के अनुसार राजस्थान में लौकी की फसल अच्छी होने के कारण मंडी में इसकी आवक अधिक है। इसी वजह से लौकी के भाव दूसरी सब्जियों की तुलना में कम हैं।
महंगाई रोकने के लिए प्रशासन से कार्रवाई की मांग
सब्जियों के लगातार बढ़ते दाम से उपभोक्ताओं में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि मंडी से लेकर फुटकर बाजार तक कीमतों की निगरानी जरूरी है, ताकि थोक और फुटकर भाव में अत्यधिक अंतर न रहे और आम जनता को कुछ राहत मिल सके।
फिलहाल बारिश के कारण सब्जियों की आवक कम रहने से आने वाले दिनों में भी कई सब्जियों के दाम ऊंचे बने रहने की आशंका है।