माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। आर्य समाज गंगानगर में वेद प्रचार सप्ताह के चौथे दिन का कार्यक्रम यज्ञ के साथ शुरू हुआ। यजमान ओमवीरी देवी, नरेंद्र सिंह, विनय वर्मा, मानवेंद्र वर्मा, नीलम रहीं। आचार्य सानंद ने मंत्रों का उच्चारण किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर की वाणी वेद हैं। वेद ही धर्म और कल्याण का मार्ग हैं। उन्होंने समाज में फैल रही बुराइयों से बचने के लिए कहा।
आचार्य ने कहा कि आर्य समाज न तो कोई मत है और न कोई पथ है। यह कोई संप्रदाय भी नहीं है। यह कोई मार्ग, वाद और महजब भी नहीं है। आर्य समाज एक ऐसा मिशन है जो वैदिक धर्म का प्रचार और प्रसार करता है। वेद ईश्वर की वाणी है। उन्होंने कहा कि ईश्वर हमारे माता, पिता, सखा और परम आधार हैं। ईश्वर सच्चिदानंद स्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, अनादि और अनुपम हैं। अहिंसा, अहिंसा की रक्षा के लिए की जाने वाली हिंसा, धैर्य, क्षमा, मन का नियंत्रण, चोरी न करना, शरीर व मन की पवित्रता, इंद्रियों का नियंत्रण, उत्तम बुद्धि, विद्या, सत्य, क्रोध न करना आदि धर्म के लक्षण हैं।
इस दौरान भजन उपदेशक सहदेव मुनि बेधड़क ने भजनों की प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर तेजवीर सिंह, मुकेश आर्य, तेजपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, मनोज आर्य, यशपाल सिंह, रविंद्र आर्य रहे।