हस्तिनापुर। कस्बे के राजकीय महाविद्यालय में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्राचार्य प्रोफेसर विनीता राठी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एक प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, संवेदनशील कवि-हृदय, राजनेता, कुशल प्रशासक, उत्कृष्ट वक्ता थे। जिन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों के संवाहक के रूप में स्मरण किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने राजनीति में शुचिता, संवाद और सहमति की परंपरा को सुदृढ़ किया। डॉ. मोनू सिंह ने कहा कि उन्होंने पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और सर्व शिक्षा अभियान जैसे ऐतिहासिक निर्णयों के माध्यम से देश को नई दिशा दी।
डॉ. मनोज आर्य ने अटल बिहारी वाजपेयी के साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी कविताओं में राष्ट्रप्रेम, मानवीय संवेदना और आशावाद की स्पष्ट झलक मिलती है। हार नहीं मानूंगा जैसी पंक्तियां आज भी युवाओं को प्रेरित करती हैं। जितेंद्र कुमार बालियान ने भी विचार रखे। संचालन डॉ. मनोज आर्य ने किया।