मेरठ। वैक्सीन की फिर किल्लत हो गई है। मंगलवार से क्लस्टर टीकाकरण बंद कर दिया गया है। सोमवार को प्रदेश से केवल 19600 वैक्सीन की डोज प्राप्त हुई। यह आपूर्ति तीन दिनों के लिए दी गई है। अगले तीन दिनों तक यही वैक्सीन प्रयोग में लाई जाएगी। जनपद में कम क्षमता के साथ केवल रोजाना स्टैटिक बूथ पर चल रहा टीकाकरण ही किया जाएगा।
इससे पहले वैक्सीन के संकट के कारण एक जुलाई से शुरू होने वाला क्लस्टर टीकाकरण अभियान स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद वैक्सीन काफी संख्या में वैक्सीन मिलने पर पहले चार जगह और फिर 12 जगह क्लस्टर टीकाकरण शुरू किया गया था। एक मार्च 2021 से रविवार को छोड़कर हर रोज टीकाकरण किया जा रहा है। इस दौरान वैक्सीन ने मिलने पर एक दिन टीकाकरण बंद भी रहा था। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ प्रवीण गौतम ने बताया कि वैक्सीन आने पर क्लस्टर टीकाकरण शुरू किया जा सकता है।
17142 लोगों ने लगवाया टीका
सोमवार को 70 स्थानों पर 17142 लोगों ने कोरोना से बचाव का टीका लगवाया। जिले में अब तक 8,90,514 लोगों को पहली डोज लग चुकी है, जबकि 1,94,003 को दोनों डोज लग चुकी हैं। सेंट जोजफ इंटर कॉलेज में विशेष कैंप लगाया गया था, यहां 120 लोगों ने डोज लगवाई। सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन और प्रधानाचार्य डॉ बालकृष्ण आदि मौजूद रहे। कोरोना की पहली लहर के बाद टीकाकरण को लेकर इतनी जागरूकता नहीं थी, लेकिन दूसरी लहर की बाद से लोग बड़ी संख्या में टीकाकरण करा रहे हैं। टीकाकरण बढ़ने की वजह यह भी है कि अब उम्र की बाध्यता खत्म कर दी गई है। अब प्रस्तावित केंद्रों पर 18 साल से ज्यादा उम्र का कोई भी व्यक्ति टीकाकरण करा सकता है।
एंटीबॉडी के लिए सैंपलिंग शुरू
पिछले सीरो सर्वे की अभी रिपोर्ट जारी नहीं की गई है, अब नया सर्वे शुरू किया गया है। वैक्सीन लगने के बाद कितनी एंटीबॉडी बनी, इसकी जांच की जाएगी। सोमवार से सैंपलिंग शुरू हो गई है। ये नमूने जांच के लिए लखनऊ भेजे जाएंगे। 500 लोगों के रक्त के नमूने लिए जाएंगे। 250 कोवैक्सीन और 250 कोविशील्ड की दोनों डोज लगवाने वालों के होंगे। कुछ नमूने सीएचसी से एकत्रित किए जाएंगे, जबकि कुछ सीएमओ कार्यालय में लिए जाएंगे। मेरठ में अब तक पौने दो लाख से ज्यादा लोगों को दोनों डोज लग चुकी हैं। सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि एंटीबॉडी जांच के लिए नमूने लेने का काम चालू कर दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की रणनीति में जरूरत के हिसाब से बदलाव किया जा सकेगा।