मेरठ। मंगलवार को टीका उत्सव का तीसरा दिन था। 8516 लोगों ने कोरोना से बचाव का टीका लगवाया। इनमें 60 साल से ज्यादा उम्र के 2800 और 45 से 59 साल वाले 5716 लोग रहे।
कुल 132 सत्र लगाए गए, जिनमें 114 सरकारी केंद्र और 18 निजी अस्पतालों में लगे। 8112 लोगों ने सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण कराया, जबकि 404 लोगों ने निजी अस्पतालों में टीकाकरण कराया। हालांकि टीकाकरण लक्ष्य से बहुत कम रहा। 26300 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य था, इस लिहाज से 32.4 प्रतिशत ही टीकाकरण हो सका। शासन के निर्देश पर रविवार से टीका उत्सव शुरू किया गया है, जो बुधवार तक चलेगा, इस दौरान एक लाख 14 हजार लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य है। हालांकि इस लिहाज से टीकाकरण लक्ष्य शायद ही पूरा हो पाए। बुधवार से नवरात्र और रमजान भी शुरू हो गए हैं। ऐसे में टीकाकरण का लक्ष्य बढ़ना बड़ा मुश्किल लग रहा है।
‘परिवार के सदस्यों की तरह किया जाए कोरोना मरीजों का इलाज’
मेरठ। डीएम के. बालाजी ने एलएलआरएम मेडिकल कालेज में बैठक कर कहा कि जो भी कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलता है, उसकी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग ठीक प्रकार से कराई जाए। मरीजों को अच्छा उपचार समय से उपलब्ध हो। उन्होंने मरीजों को अच्छा भोजन, वातावरण देने और परिवार के सदस्यों की तरह उनकी सेवा करने को कहा। अपने कैंप कार्यालय पर जिलाधिकारी ने प्रशासनिक अधिकारियों को हिदायत दी है कि आमजन को मास्क का उपयोग करने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और नियमित अंतराल पर हाथ धोने या सेनेटाइजर का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाए।
वहीं आयुक्त सभागार में मीडिया से बात करते हुए जिलाधिकारी के बालाजी ने कहा कि जनपद में कोरोना संक्रमण के हालात बिगड़ते जा रहे हैं, जिस पर काबू पाने के लिए जनता को सहयोग करना होगा। उन्होंने कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत 45 वर्ष आयु से ऊपर के सभी व्यक्तियों को आवश्यक रूप से टीका लगवाने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने कहा कि बिना मास्क लगाए लोग बाहर न निकलें, सोशल डिस्टेसिंग का पालन करें। क्योंकि यह संक्रमण तेजी से फैल रहा है, ऐसे में खुद को सुरक्षित रखने के साथ दूसरों को भी सुरक्षित रखने का दायित्व जनता मानें।