फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टीका उत्सव : 8516 लोगों का हुआ टीकाकरण

विज्ञापन
विज्ञापन
अब प्रबंधक और प्रधानाचार्य आए आमने-सामने
विज्ञापन

मेरठ। चर्च सिटी जूनियर हाईस्कूल में प्रबंध समिति और प्रधानाचार्य पक्ष की ओर से शिकायतों का सिलसिला जारी है। चर्च सिटी से जुड़े तीन विद्यालयों के प्रबंधक रमेश गिल ने मंगलवार को प्रधानाचार्य प्रियदर्शनी शर्मा की 11 विभागों में शिकायत की है। आरोप है कि चर्च सिटी जूनियर हाईस्कूल, अंदरकोट के प्राइमरी विभाग की पूर्व में नियुक्त सहायक अध्यापिका प्रियदर्शिनी की नियम विरुद्ध नियुक्ति कर वेतन भुगतान किया गया है। दूसरी ओर प्रियदर्शनी का आरोप है कि समिति दो साल से कालातीत हो चुकी है और समिति शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए कमीशन मांगती है।
चर्च सिटी जूनियर हाईस्कूल अंदरकोट में नियुक्तियों की जांच बीएसए कर रहे हैं। इस बीच प्रधानाचार्य प्रियदर्शनी की पूर्व नियुक्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रबंधक गिल का आरोप है कि 17 जून, 1991 में उनकी प्रशिक्षण योग्यता बीटीसी दिखाई गई थी, जो फर्जी पाई गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मेरठ द्वारा उनकी अंकतालिका की प्रति उपलब्ध कराई गई है। जांच के बाद जिलाधिकारी ने प्रियदर्शनी को अप्रशिक्षित वेतन और प्रशिक्षित वेतन के अंतर की धनराशि वसूलने का निर्देश दिया था। बाद में आदेश स्थगित कर बीएसए को कार्यवाही के निर्देश दिए थे। गिल का कहना है कि जांच अभी विचाराधीन है।
विज्ञापन

वहीं प्रियदर्शनी ने कहा कि चर्च सिटी जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाचार्य पद पर 2015 में फ्रेश नियुक्ति हुई है। इससे पूर्व जिस पद पर नियुक्ति के विषय को उठाया जा रहा है. उसकी जांच जिलाधिकारी के आदेश पर कराई जा चुकी हैं। पूर्व में भी ऐसी शिकायत की गई थी, जिसमें उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है। वर्तमान समिति कालातीत होने के बाद भी आरोप लगा रही है।
विज्ञापन

समिति के संबंध में कमिश्नर से 30 मार्च को शिकायत की गई थी। 4 अप्रैल को पुन: कमिश्नर सहित रजिस्ट्रार को अवगत कराया गया। कमिश्नर से शिकायत के बाद रजिस्ट्रार ने समिति की सूची रोक दी है। शिक्षकों और प्रधानाचार्य की मांग है कि विद्यालय पर प्रबंध संचालक की नियुक्ति की जानी चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें