इसे किस्मत का खेल ही कहेंगे कि एक 19 साल की बांग्लादेशी लड़की जो कक्षा नौ पास करने के बाद अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने के सपने देख रही थी। उसने सोचा था कि परिवार के साथ शांति से रहेगी। लेकिन किस्मत ने उसके साथ ऐसा खेल खेला कि दलालों ने उसे देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया। पिछले एक साल से युवती मेरठ के रेड लाइट एरिया में थी। पुलिस ने उसे रेस्क्यू कर कोठे से तो छुड़ा लिया लेकिन फिर हुआ कुछ ऐसा कि युवती को सीधे जेल भेज दिया गया। आगे जानिए आखिर क्यों सलाखों के पीछे पहुंची युवती :-
रेड लाइट एरिया में छापा
- फोटो : अमर उजाला
एक सहेली के साथ घूमने निकली लड़की तारापुरा बार्डर के पास राह भटक गई। यहां दलालों ने उसे अपने चंगुल में फंसा लिया और मुंबई बेच दिया। मुंबई से दिल्ली और फिर मेरठ के रेड लाइट एरिया के नर्क में पिछले एक साल से युवती घुट रही थी। 'संकल्प संस्था' और पुलिस की मदद से युवती को यहां से तो निकाल लिया गया लेकिन कानून से कैसे बचा जा सकता था। यहां से वह सीधा सलाखाें के पीछे पहुंच गई।
मिथ्या ग्राहक को भेदिए के रूप में कोठे पर भेजा गया
एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक के मुताबिक संकल्प संस्था की अध्यक्ष अतुल शर्मा की सूचना पर बांग्लादेशी निवासी इस युवती की निगरानी शुरू की गई थी। बांग्लादेश के बघरा जिले के एक गांव की निवासी इस युवती के कबाड़ी बाजार स्थित गंगा थापा के कोठे पर होने की सूचना थी। जिस पर पिछले दस दिनों से एक मिथ्या ग्राहक को भेदिए के रूप में कोठे पर भेजा जाता रहा। जिसके बाद गुरूवार को इस युवती को बाजार में घुमाने ले जाने के बहाने निकालकर एंटी हृयूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) थाना लेकर पहुंचा।
जानकारी लेते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
अवैध रूप से भारत में निवास
भारत में अवैध रूप से रहने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को इस आरोपी युवती को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। थाना एएचटीयू में इस युवती से इंटेलीजेंस, एलआईयू, एसपी क्राइम और अन्य पुलिस अफसरों व महिला पुलिस की टीम ने पूछताछ की। सीओ एएचटीयू संजीव देशवाल के अनुसार जांच पड़ताल में सामने आया है कि युवती के पास बांग्लादेश से संबंधित भी कोई भी कागज नहीं मिला। यह युवती भारत में अवैध रूप से रह रही थी।
थाना एएचटीयू में बांग्लादेश की युवती के खिलाफ 14 विदेशी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। शाम को पुलिस ने युवती को न्यायालय में पेश किया। जहां से जेल भेज दिया गया। वहीं, कोठा संचालिका गंगा थापा और एक ग्राहक को भी देह व्यापार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज जेल भेजा गया। तीन अन्य लड़कियों को भी कोठे से रेस्क्यू कराया गया था। जिनका मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें कोर्ट ने दस दिन के लिए नारी निकेतन भेज दिया है।
खुफिया तंत्र हुआ फेल
बांग्लादेश की युवती से कोठे पर बंधक बनाकर देह व्यापार कराया जा रहा था। लेकिन इसकी भनक पाने में थाना ब्रह्मपुरी और देहली गेट पुलिस के अलावा स्थानीय खुफिया तंत्र भी फेल साबित हुआ। बता दें कि रेड लाइट एरिया इन दोनों थानों के अंतर्गत आता है। इससे पहले भी कोठों पर नेपाल, कोलकाता, छत्तीसगढ़, राजस्थान, असम समेत अन्य राज्यों की नाबालिग लड़कियों को बेचा जा चुका है।
शासन और दूतावास को जाएगी रिपोर्ट
सीओ एलआईयू रतन नौलखा के अनुसार जांच में सामने आया कि बार्डर पर युवती रास्ता भटक गई थी। कोठा संचालिका ने दलाल के माध्यम से उसे खरीदा था। आतंकी गतिविधि जैसी कोई बात सामने नहीं आयी है। पूरे मामले की रिपोर्ट शासन और संबंधित दूतावास को भेज दी जाएगी।
पता नहीं कब घर मिलेगा
युवती ने पुलिस अफसरों को बताया कि अब पता नहीं उसके कभी अपना घर भी नसीब होगा या नहीं। हालांकि, युवती का यह कथन गले नहीं उतर रहा कि उसे यही लग रहा था कि वह बांग्लादेश के ही किसी कोठे पर बंधक बनाकर रखी गई है और वहां से किसी तरह निकलकर घर चली जाएगी। फिलहाल पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।
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