पहले 10 घंटे प्रतिदिन सिंचाई के लिए विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही थी, लेकिन पिछले एक सप्ताह से रोस्टर में बदलाव किया है। अब विभाग की ओर से कृषि फीडरों पर प्रतिदिन 7 घंटे कृषि सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति कराई जा रही है। इसे भी दो वर्गों में विभाजित कर दिया है। सुबह 5:15 से 10:15 बजे तक और शाम के समय शाम 4 बजे से 6 बजे तक विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इतने कम समय में किसानों के खेतों में सिंचाई नहीं हो पा रही है।
मेरठ जोन में दो लाख से अधिक किसान प्रभावित
मेरठ और बागपत क्षेत्र में लगभग दो लाख के आसपास किसान हैं। ऐसे में कृषि फीडर की विद्युत आपूर्ति में कटौती किए जाने से किसानों को चिंता सता रही है। उनका मानना है कि दिन में सात घंटे आपूर्ति किए जाने और वह भी दो वर्गों में विभाजित किए जाने से सिंचाई होना मुमकिन नहीं हैं। किसान का पूरा दिन खेत पर भी खराब हो जाएगा।
आज जिला मुख्यालय घेरेगी भाकियू
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि ऊर्जा विभाग के इस निर्णय को लेकर आज जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। एक ज्ञापन भी अधिकारियों को सौंपा जाएगा, जिसमें सर्दियों में 10 घंटे विद्युत आपूर्ति और गर्मियों में 12 घंटे प्रतिदिन विद्युत आपूर्ति किए जाने की मांग की जाएगी। अगर ऊर्जा विभाग ने यह मांग नहीं मानी तो जल्द ही महापंचायत की तैयारी की जाएगी।