घटना की जानकारी थोड़ी ही देर में पूरे कस्बे में फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीणों मौके पर जमा होने लगे। भीड़ बढ़ते देख पुलिस मौके से चली गई। मामले की जानकारी मिलने पर जानी थाना प्रभारी रजनेश कुमार तिवारी मौके पर पहुंचे और भीड़ को समझाते हुए चेयरमैन के आवास पर गणमान्य व्यक्तियों से बातचीत करने लगे। इस दौरान भीड़ भी वहां पहुंच गई।
वार्ता के दौरान आरोपी दरोगा धनवीर भी मौके पर आ गया। भीड़ दरोगा को देखकर बेकाबू हो गई और गाली गलौच करने लगी। माहौल तनाव पूर्ण होता देखकर चेयरमैन पति गुलजार और थाना प्रभारी रजनेश कुमार तिवारी ने दरोगा धनवीर को एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद भी भीड़ हंगामा करती रही। करीब दो घंटे तक भीड़ के बीच दरोगा चेयरमैन के घर में बंद रहा। इस दौरान भीड़ ने जानी थाना प्रभारी के सामने दरोगा पर कई गंभीर आरोप लगाए।
जानी थाना प्रभारी द्वारा ग्रामीणों को पूरे मामले से उच्चाधिकारियों से अवगत कराने और दरोगा को शीघ्र ही चौकी से हटाने का आश्वासन दिया गया। जिसके बाद भीड़ शांत हुई। वहीं पूरे मामले पर दरोगा धनवीर का कहना है कि वाहन चेकिंग के दौरान बिना कागजों के पकड़े गए कुछ युवकों के वाहन छोड़ने का उन पर दबाव बनाया जा रहा था, जिससे न मानने पर यह हंगामा हुआ है।
जानी थाना प्रभारी रजनेश कुमार तिवारी के अनुसार पूरी घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। वहीं ग्रामीणों कहना है कि अगर दो दिनों में दारोगा को नहीं हटाया गया तो एसएसपी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे।
सिवालखास चौकी से नहीं हटेंगे दरोगा
जानी थाने की सिवालखास चौकी पर तैनात किए गये दरोगा धनवीर यादव के खिलाफ शनिवार को रालोद नेताओं ने एसपी देहात और एसएसपी से शिकायत की। रालोद जिलाध्यक्ष राहुल देव, यशवीर सिंह, राजकुमार सांगवान, अनिल चौधरी और अन्य ने आरोप लगाया कि चौकी इंचार्ज एक समुदाय के लोगों को परेशान करते हैं, उनका दूसरी जगह ट्रांसफर कर दिया जाए।
एसएसपी अखिलेश कुमार ने कहा कि चौकी इंचार्ज निष्पक्ष काम कर रहे हैं। उस क्षेत्र में गोकशी बिल्कुल नहीं होने दी जाएगी। अपराध रोकने के लिए ही तैनाती की गई है। धनवीर यादव की तैनाती को लेकर लगातार ग्रामीण और आसपास के क्षेत्र के लोगों ने मांग की थी।
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