मेडिकल कॉलेज का बजट सरकार ने नौ करोड़ से बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये कर दिया है। इसकी लंबे समय से मांग की जा रही थी। लेकिन दवाओं के लिए जेम पोर्टल, ई-टेंडरिंग की व्यवस्था होने से दवाइयां समय से उपलब्ध होने में दिक्कत हो रही है।
यूजर चार्ज की होगी एक खिड़की
मेडिकल कॉलेज में अब यूजर चार्ज की एक खिड़की होगी। अभी तक ब्लड बैंक, पर्चा काउंटर, एक्सरे आदि के लिए अलग-अलग जगह मरीजों को जाना पड़ता है और यूजर चार्ज देना पड़ता है। लेकिन मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए और यूजर चार्ज को लेकर लगने वाले आरोपों के मद्देनजर यह कदम उठाया जा रहा है। हालांकि दूसरी तरफ, मेडिकल के कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि इससे अव्यवस्था भी फैल सकती है, क्योंकि बड़ी संख्या में मरीज एक ही जगह आएंगे तो उन्हें संभावना मुश्किल हो सकता है। इस संबंध में प्राचार्य ने बताया कि एक सप्ताह में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। इसके लिए एक कार्यालय तैयार किया जा रहा है।
एक करोड़ का ऑर्डर भेजा
प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. एसके गर्ग ने बताया कि एक करोड़ रुपये की जेनेरिक दवाइयां मंगाने के लिए ऑर्डर भेज दिया गया है। ई-टेंडरिंग व्यवस्था भी की जा रही है। फरवरी माह के अंत तक दवाओं की समस्या को काफी हद तक सुलझा लिया जाएगा।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/