विवाद बढ़ने पर एसडीएम विवेक कुमार यादव, कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार और एंटी भूमाफिया टीम मौके पर पहुंची। जमीन की पैमाइश कराई गई। पुलिस-प्रशासन ने दोनों पक्षों को समझा ही रहा था कि इसी बीच ठेकेदार के पक्ष में यहां पहुंचे 20 से अधिक युवकों में से एक ने फायरिंग कर दी।
इसके बाद ठेकेदार पक्ष के अन्य युवक भी फायरिंग करने लगे। फायरिंग होते ही भगदड़ मच गई। फायरिंग की जानकारी मिलते ही गांव के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। ठेकेदार के टेंट में आग लगा दी। बाइक, कार, पोकलेन मशीन और जेसीबी में तोड़फोड़ की गई। भीड़ को देख फायरिंग कर रहे कुछ युवक भाग गए, कुछ पास ही स्थित श्मशान घाट के शौचालय और कमरे में घुस गए, जिनपर भीड़ ने छत से पथराव किया।
घटना में घायल हुए निवाड़ा निवासी सद्दाम, कुरबान, साजिदा पत्नी कुरबान, साकिब और ठेकेदार पक्ष के मुजफ्फरनगर निवासी विकास को जिला अस्पताल लाया गया। इनके अलावा मुजफ्फरनगर का ही अनिल कुमार, सोनू, और बागपत के भगवानपुर नांगल का अनिल को पुलिस ने एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया है। बाद में निवाड़ा के ग्रामीणों ने जिला अस्पताल में भी हंगामा किया।
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