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UP: पुलिसकर्मी करा रहे महकमे की फजीहत, पांच हथियार तस्कर पकड़े, सेटिंग कर एक को छोड़ा, बाद में किया काम

Fri, 16 May 2025 02:54 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में अवैध हथियारों की खरीद फरोख्त ऑनलाईन ऑन डिमांड करने वाले आरोपियों को पुलिस ने सेटिंग कर छाेड़ दिया। बताया गया कि पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस ने उन्हें जेल भेजने के बजाय महकमे की ही फजीहत करा ली।
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निलंबित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ एसएसपी की लगातार सख्त कार्रवाई के बावजूद जिले के पुलिसकर्मी महकमे की फजीहत करा रहे हैं। इंस्टाग्राम और फेसबुक के माध्यम से तमंचे बेचने वाले चार आरोपियों को टीपीनगर पुलिस ने पकड़ा। चर्चा है कि एक को सेटिंग कर छोड़ दिया। बाद में उसे इस मामले में वांछित दिखा दिया। गिरोह के सरगना अनिल के खिलाफ गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, हापुड़ और हरिद्वार में गैंगस्टर, डकैती, अपहरण और आर्म्स एक्ट आदि के 12 मुकदमे दर्ज हैं।

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टीपीनगर पुलिस और शहर क्षेत्र की स्वॉट टीम ने हथियार तस्करी करने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से छह तमंचे और आठ कारतूस बरामद हुए थे। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम भावनपुर क्षेत्र में काली नदी पुल के पास निवासी रवि, ग्राम भूड़पुर थाना भावनपुर निवासी अनिल उपाध्याय, कंकरखेड़ा के दांतल जिटौली गांवी निवासी सचिन जोगी व नोनू और मुजफ्फरनगर के हरियाखेड़ा गांव निवासी भगत सिंह बताए। भगत सिंह फिलहाल कंकरखेड़ा में जिटौली रोड पर किराए के मकान में रह रहा था।

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डिमांड के मुताबिक बेचे जाते थे तमंचे
आरोपियों ने बताया कि रवि चार हजार रुपये में उन्हें तमंचा उपलब्ध कराता था। इसे पांच से छह हजार रुपये में डिमांड के अनुसार बेचते थे। एक-दूसरे के परिचितों के माध्यम से हथियार खरीदने वाले ग्राहक तलाश करते थे। इसके अलावा इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए भी हथियार खरीदने वालों से संपर्क करते थे।

रवि की गिरफ्तारी के बाद उसके परिजन थाने पहुंचे तो पुलिस सेटिंग में लग गई। बात होने पर पुलिस ने रवि को छोड़ दिया। अन्य चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दिया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। यह मामला एसएसपी के संज्ञान में आया तो उन्होंने एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह को मामले की जांच सौंप दी। एसएसपी का कहना है कि मामले में यदि किसी पुलिसकर्मी की संलिप्तता पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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एसएसपी विपिन ताडा - फोटो : अमर उजाला
मवाना थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी सस्पेंड 
बंदूक और कारतूस छोड़ने के लिए 20 हजार रुपये मांगने के मामले में एसएसपी ने मवाना थाना प्रभारी निरीक्षक विशाल श्रीवास्तव और सठला चौकी इंचार्ज सतेंद्र सिंह को निलंबित कर दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी। एसपी सिटी को जांच सौंपी है।

लालकुर्ती पुलिस और स्वाट टीम ने शनिवार को सठला गांव के शारिब और हैदर खान तथा मवाना निवासी उबैद को गिरफ्तार कर 12 बोर से 204 और 315 बोर के 30 कारतूस बरामद किए थे। रविवार को एसएसपी के आदेश पर सीओ सौम्या अस्थाना व मवाना थाना पुलिस ने गांव सठला में कई घरों में छापा मारा था। इस दौरान मवाना पुलिस ने वसीम के यहां से लाइसेंसी बंदूक और 10 कारतूस जांच के नाम पर पकड़े। जिसे थाने लाकर जांच की तो वो सही पाई गई। इन्हें छोड़ने के एवज में पुलिस ने 20 हजार रुपये की डिमांड की।
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साढ़े सात हजार रुपये मिले तो दे दी बंदूक
पीड़ित ने साढ़े सात हजार रुपये दे दिए, तो पुलिस ने बंदूक उसे दे दी थी। कारतूस छोड़ने के नाम पर बाकी साढ़े 12 हजार रुपये के लिए पुलिस पीड़ित पर दबाव बना रही थी। पीड़ित ने मेरठ आकर इसकी शिकायत डीआईजी कलानिधि नैथानी से की। डीआईजी ने एसएसपी को जांच कर कार्रवाई के लिए कहा।

पीड़ित ने चौकी प्रभारी की ऑडियो भी एसएसपी को दी। जिस पर एसएसपी ने मवाना थानेदार विशाल श्रीवास्तव और सठला चौकी इंचार्ज सतेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया। साथ ही विभागीय जांच भी बैठा दी। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि थानेदार और चौकी इंचार्ज ने बंदूक-कारतूस छोड़ने के नाम पर रुपयों की मांग की, शिकायत पर दोनों को निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह को सौंपी है। 
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