बेवजह फंसाया
महफूज की मौत को 15 साल बीत चुके हैं, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें चश्मदीद गवाह बनाकर मुकदमे की विवेचना में खेल कर दिया। आरोपी पक्ष का कहना है कि उनको बेवजह फंसाया गया है।
दबाव में पुलिस
प्रदेश सचिव रालोद मतलूब गौड़ (पूर्व चेयरमैन किठौर) का आरोप है कि पुलिस ने यह मामला फर्जी दर्ज किया हैं। बसपा नेता के बेटे ने पुलिस पर दबाव बनाया है। एसपी देहात के निर्देश के बाद भी दूसरे पक्ष की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई।
गलती से हो गया ऐसा
गलती से महफूज को चश्मदीद गवाह बनाया गया। इसकी जानकारी अधिकारियों को दे दी है। विवेचना में दूसरा पर्चा काटा गया है, जिसमें संशोधन किया जा रहा हैं।
-विमल कुमार, विवेचक
जांच के बाद होगी कार्रवाई
पूर्व चेयरमैन मतलूब गौड़ द्वारा दिए शिकायती प्रार्थनापत्र के बाद सीओ को इसकी जांच सौंपी गई हैं। अगर दरोगा ने ऐसा किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मृत व्यक्ति को गवाह कैसे बना डाला।
-राजेश कुमार, एसपी देहात
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