अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने मेरठ जोन के आठ जनपदों में 98 अपराधियों को चिन्हित किया है। अपराधियों पर गुंडा एक्ट के साथ गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस दावा कर रही है कि अपराधियों पर गैंगस्टर (ए) की कार्रवाई के तहत अर्जित की गई संपत्ति जब्त की जाएगी।
जेल में बंद अपराधियों के गैंग सक्रिय हैं। इसे लेकर योगी सरकार ने प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ एक दिन कार्रवाई का अभियान चलाया। मेरठ पुलिस ने जेल में बंद कुख्यात योगेश भदौड़ा से गांव में कब्जा की गई तालाब की जमीन मुक्त कराकर करीब चार करोड़ कीमत की अवैध संपत्ति अपने कब्जे में ले ली है। वहीं, अगले दिन शराब माफिया रमेश प्रधान की भी अवैध 1.10 करोड़ कीमत की संपत्ति पुलिस द्वारा जब्त की गई।
अपराधियों पर आधी अधूरी कानूनी कार्रवाई होने के चलते पुलिस का अभियान बंद हो गया। इसे देखते हुए पुलिस फिर से अपराधियों पर गैंगस्टर (ए) के तहत अवैध तरीके से कमाई गई संपत्ति को जब्त करने के लिए गुंडा एक्ट और गैंगस्टर की कार्रवाई कर रही है।
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पुलिस का दावा है कि अपराधियों पर इस कार्रवाई का असर पड़ेगा। इस कार्रवाई के बाद अधिक समय जेल में ही रहना होगा। उसकी जमानत पर भी रोक लगा दी जाएगी। जिसके चलते 98 अपराधियों को चयनित किया गया है। जिस पर मेरठ, शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर व हापुड़ में गुंडा एक्ट और गैंगस्टर की कार्रवाई हो रही है।
अपराधियों के खिलाफ गुंडा एक्ट और गैंगस्टर की कार्रवाई का अभियान जोन के आठ जिलों में चल रहा है। अपराधियों द्वारा अवैध तरीके से जुटाई गई संपत्ति को जब्त किया जाएगा। जेल में बंद अपराधियों को ज्यादा दिन सलाखों में रखा जा सकता है।
- राजीव सभरवाल, एडीजी, मेरठ जोन
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