कंकरखेड़ा में एक ससुर की तेरहवीं में पुत्रवधू के साथ मारपीट होने के आरोप लगे। लेकिन पुलिस ने शिकायत पर पति और जेठ के साथ ही ससुर को भी जानलेवा हमले का आरोपी बना दिया।पीड़ित पक्ष सोमवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचा। जहां शिकायत सुन रहे एएसपी कैंट सतपाल सिंह को प्रार्थनापत्र दिया।
बताया कि टीकाराम कॉलोनी कंकरखेड़ा निवासी निर्मेश की शादी सात साल पूर्व रामबाग कॉलोनी मवाना निवासी राखी गौतम से हुई थी। दंपति में विवाद हो गया था। करीब डेढ़ माह पूर्व राखी मायके चली गई। इसी दौरान ससुर ईश्वर गौतम की बीमारी के चलते मौत गई। आरोप है कि राखी अपने ससुर की तेरहवीं में शामिल होने पहुंची तो पति और जेठ ने उसके साथ मारपीट कर दी।
पुलिस ने पति व जेठ सहित कुल 5 लोगों के खिलाफ मारपीट व जानलेवा हमले में मुकदमा दर्ज कर लिया। जिसमें मृतक ससुर ईश्वर गौतम को भी नामजद कर दिया। एएसपी ने कंकरखेड़ा इंस्पेक्टर विनय कुमार को फटकार लगा दी। इंस्पेक्टर का कहना कि यह मामला तत्कालीन इंस्पेक्टर दीपक शर्मा के कार्यकाल का है। इसकी विवेचना मवाना थाना पुलिस कर रही है। नाम गलती से लिखा गया था, जिसको सुधार लिया गया है।
गौरतलब है कि मेरठ पुलिस ने कुछ दिन पहले भी कई साल पहले मर चुके इंसान को भी गवाह बना दिया था। और अब फिर से ऐसी गलती ये दर्शाती है कि पुलिस अपना काम कितनी लापरवाही से करती है।
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