मामूली बातों पर आपा खोने वाले युवाओं के लिए दृष्टिहीन अंकुर ने मील का पत्थर रख दिया है। खेकड़ा के लाड़ले खिलाड़ी अंकुर धामा ने यह साबित कर दिखाया है कि हर मुश्किल आसान हो जाती है। किसी भी खिलाड़ी के लिए अर्जुन अवार्ड पाना सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। बागपत के छह खिलाड़ियों के हिस्से में यह कामयाबी आई है। पश्चिम में बागपत अकेला ऐसा जनपद है, जिसके छह खिलाड़ी राष्ट्रपति भवन में यह गौरव हासिल कर चुके हैं।
अंकुर धामा बना अर्जुन
पैरा एथलीट अंकुर धामा ने अर्जुन अवार्ड जीतकर जिले को छठा अर्जुन अवार्ड दिलाया है। बचपन में ही आंखों की रोशनी गंवाने वाले अंकुर ने पैरा ओलंपिक खेलों में भाग लिया। साल 2014 के एशियाई खेलों में दमदार खेलों का प्रदर्शन कर पदक जीते। इस बार भी अंकुर इन खेलों में भाग लेने जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन में मंगलवार को बागपत के दो खिलाड़ी मौजूद रहेंगे। अंकुर धामा के अलावा अर्जुन अवार्डी पहलवान शोकेंद्र तोमर भी मौजूद होंगे। मौलाना अबुल कलाम आजाद ट्रॉफी की चयन समिति के सदस्य होने के चलते उन्हें भी बुलावा मिला है।
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