फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: गांव के लोगों ने दी पलायन की चेतावनी, घरों पर लिखवाया 'मकान बिकाऊ' हैं, तस्वीरें

Sat, 30 Jun 2018 01:57 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
1 of 7
घरों पर लिखवाया मकान बिकाऊ है - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश में इस गांव के दूसरे समुदाय के लोगों ने अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ हैं’ के पोस्टर लगाकर पलायन की चेतावनी दी। तस्वीरों के साथ जानिए क्या पूरा मामला।
विज्ञापन

मामला सुलझ गया

2 of 7
घरों पर लिखवाया मकान बिकाऊ है - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के नूरनगर में मिठाई विक्रेता जॉनी की दुकान पर हुए बखेड़े के बाद लिसाड़ी गांव में सांप्रदायिक सद्भाव पर संकट पैदा होता दिख रहा है। गांव के दूसरे समुदाय के 15-20 लोगों ने अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ हैं’ के पोस्टर लगाकर पलायन की चेतावनी दी। वहीं, पुलिस अफसरों का कहना है कि यह सब दबाव बनाने की रणनीति के तहत हो रहा है। किसी को शिकायत है तो पुलिस-प्रशासनिक अफसरों से शिकायत करे।
विज्ञापन

3 of 7
घरों पर लिखवाया मकान बिकाऊ है - फोटो : अमर उजाला
बीती 21 जून को नूर नगर में मिठाई विक्रेता जॉनी की दुकान के बाहर भट्ठी में बाइक की टक्कर लगने पर सांप्रदायिक विवाद हो गया था। जॉनी ने लिसाड़ी गांव के चांद, गांधी, सरफराज, समीर, इदरीश, शमी, आदि के खिलाफ नामजद और अन्य के खिलाफ मारपीट, बलवे और लूट का मुकदमा दर्ज कराया था। लोगों का आरोप था कि उक्त आरोपी दबंगई के बूते यहां अपना होल्ड करना चाहते हैं। विरोध करने वालों का ये मुंह बंद करना चाहते हैं। जॉनी के हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई थी।

4 of 7
घरों पर लिखवाया मकान बिकाऊ है - फोटो : अमर उजाला
इसी मसले को लेकर बुधवार देर रात लिसाड़ी गांव के दूसरे समुदाय के 15-20 लोगों ने अपने घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगा दिए। बलवे के आरोपी गांधी के भाई फिरोज ने बताया कि इस घटना के अगले दिन दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे पीटा था। लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पुलिस एक पक्षीय कार्रवाई कर रही है। दबिश देकर दो आरोपी गिरफ्तार भी कर लिए गए।
विज्ञापन

5 of 7
घरों पर लिखवाया मकान बिकाऊ है - फोटो : अमर उजाला
गांव के बसपा नेता हाजी नूर सैफी का कहना है कि गांव में दोनों समुदाय के लोग शांतिपूर्ण ढंग से रहते हैं। लेकिन कुछ समय से कुछ लोग बेवजह मामूली बातों को सांप्रदायिक तूल देने लगे हैं। जिससे गांव का भाईचारा खत्म हो रहा है। इस कारण गांव में रहने का मन नहीं करता। इसी वजह से अपने घर बेचकर जाने पर विचार करना पड़ा। इसके अलावा हाजी गुलमोहम्मद अलाउद्दीन, जान मोहम्मद, सइदुद्दीन, रहीसुद्दीन, अनीस, नौशाद, इदरीश आदि ने पोस्टर लगाए थे।

पढ़ें : उत्तर प्रदेश: दबंगों के खौफ से छोड़ दिया गांव, घर पर लिखवा दिया 'मकान बिकाऊ' है
विज्ञापन

6 of 7
घरों पर लिखवाया मकान बिकाऊ है - फोटो : अमर उजाला
रात एक बजे मामले की जानकारी लगने पर पुलिस मौके पर पहुंची। सीओ कोतवाली ने बताया कि नूर सैफी आदि से बात हो गई है। उन्हें समझाया गया कि निष्पक्ष कार्रवाई हो रही है। यदि कोई समस्या है तो वे ब्रह्मपुरी थाने जाकर या सीओ ब्रह्मपुरी से बात करें। रात 1:15 बजे वार्ता के बाद लोग घरों से बैनर हटाने को तैयार हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

दोषी जेल जाएंगे

7 of 7
घरों पर लिखवाया मकान बिकाऊ है - फोटो : अमर उजाला
ये सब पुलिस पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। दुकान में तोड़फोड़ हुई थी। दुकानदार की तहरीर पर केस दर्ज हुआ। पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है। जो दोषी होंगे जेल जाएंगे। यदि किसी को दूसरे पक्ष या पुलिस से कोई शिकायत या समस्या है तो अपनी बात रख सकते हैं। -रणविजय सिंह एसपी सिटी

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें