भाजपा का गढ़ माना जाने वाला न्यू हनुमानपुरी, विकास नगर, मोहनपुरी, शिवाजी नगर के वार्ड 44 में भी भाजपा प्रत्याशी उत्तम सैनी की निर्देलीय उम्मीदवार रोबिन नाथ गालू से सीधी टक्कर रही। बसपा सुशील सैनी और निर्देलीय मुकेश शर्मा भी शाम मतदान पूर्ण होने तक मजबूत स्थिति में रहे।
कंकरखेड़ा में भी बदले समीकरण
कंकरखेड़ा में पांच वार्डों में भाजपा को कहीं लोकदल तो कहीं बसपा ने सीधी टक्कर दी। विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तुलना में पार्षद चुनाव में समीकरण पूरी तरह बदले नजर आए। वर्ष 2017 वार्ड 21 से बसपा से जीते पार्षद परमानंद ने इस बार वार्ड पांच से बसपा से चुनाव लड़ा। वार्ड 21 में उन्होंने अपनी रिश्तेदार को चुनाव मैदान में उतारा। वार्ड पांच में बसपा का मुकाबला इस बार भाजपा के राजकुमार वर्मा और सपा के कुक्कू से रहा।
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वहीं, वार्ड 23 में पूर्व पार्षद रहे राजेश खन्ना ने अपनी पत्नी बबीता खन्ना को भाजपा ने वार्ड 21 में उतारा। इस वार्ड में भाजपा से पूर्व पार्षद रहे सेंसरपाल ने अपनी पत्नी प्रेमलता को लोकदल के टिकट पर चुनाव मैदान में उतारा। वार्ड 23 में सुभाषपुरी, गोविंदपुरी, जवाहरपुरी, बड़ा बाजार में भी वोटरों का रुझान इस बार पूरी तरह बदल गया। भाजपा जिला और मंडल के पदाधिकारियों का पूरा फोकस मेयर की वोटों पर रहा। ऐसे में निर्दलीय उम्मीदवार किशन वैद्य मजबूत स्थिति में सामने आए। हालांकि वार्ड नौ में लाला मोहम्मद कई निर्दलीय के खड़े होने के कारण भाजपा की पार्षद प्रत्याशी रेशमा सोनकर मतदान खत्म होने तक मजबूत स्थिति में रहीं।
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भाजपा के गढ़ में सेंधमारी
वार्ड 40 में भाजपा की अर्चला सिंह को लोकदल के सुभाष जटौली ने सीधी टक्कर दी। यहां तक्षशिला पब्लिक स्कूल, नगर निगम कार्यालय और दांतल जटौली में पोलिंग बूथ बनाए गए। भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले श्रद्धापुरी में लोकदल के सुभाष जटौली मजबूत स्थिति में नजर आए। मतदाताओं का रुझान भी छोटी वोट पर लोकदल की तरफ रहा। हालांकि बड़ी वोट में भाजपा, सपा, बसपा तीनों की पार्टियों को वोट मिली।