फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करोड़ों की छात्रवृत्ति हड़पने वाला शातिर गिरफ्तार, गांव-गांव जाकर ऐसे तैयार करते थे दस्तावेज

Fri, 11 Sep 2020 11:16 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर की कार्रवाई, वर्ष 2015 में मिली थी जांच
  • 5 करोड़ 92 लाख, 62 हजार 700 रुपये का घोटाला आया था सामने 
विज्ञापन
आरोपी भीम सिंह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में फर्जी कॉलेज और फर्जी छात्र दर्शाकर छह करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति हड़पने के आरोप में यूपी पुलिस की आर्थिक अपराध एवं अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बृहस्पतिवार को बिजनौर से भीम सिंह को गिरफ्तार किया है।

विज्ञापन


ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर के एएसपी डॉ. रामसुरेश यादव ने बताया कि टीम ने बिजनौर में कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम सनपता निवासी भीम सिंह पुत्र सीताराम को गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी बिजनौर में ग्राम ककराला बस अड्डे से की गई है। गिफ्तार भीम सिंह इस घोटाले के मुख्य अभियुक्त ततारपुर निवासी अंकित कुमार राजपूत का सहयोगी है। अंकित को 20 फरवरी 2020 को जेल भेजा जा चुका है। ईओडब्ल्यू सीओ मदन सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। 

घोटाले में बिजनौर के तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी पजनेश कुमार, प्रधान लिपिक रामेश्वर दयाल, तत्कालीन सुपरवाइजर योगेश कुमार और मलिक महमूद खां की भूमिका सामने आई है। उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए शासन से अनुमति मांगी जा रही है। इसके अलावा अंकित और भीम सिंह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई करने के लिए बिजनौर एसपी को पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: एनसीईआरटी की किताबों का मामला: ठंडी पड़ी पुलिस की जांच, करोड़ों के खेल में उठ रहे बड़े सवाल

विज्ञापन

गांव-गांव जाकर एकत्र किए थे दस्तावेज
आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा की जांच में पांच करोड़ 92 लाख, 62 हजार 700 रुपये का घोटाला सामने आया था। जांच में खुलासा हुआ है कि बिजनौर जिले में गांव-गांव जाकर 1015 छात्रों से उनके शैक्षिक दस्तावेज एकत्र किए और देहरादून, ऊधमसिंह नगर और काशीपुर के सात कॉलेजों में अध्ययनरत दर्शाकर बैंकों में खाते खुलवाए गए थे।

आरोपियों ने जिला समाज कल्याण अधिकारी और अन्य प्रधान लिपिक व कर्मचारियों की मिलीभगत से इसे अंजाम दिया। देहरादून के मोहल्ला करनपुर में इंडियन इंसटीट्यूट ऑफ कंप्यूटर साइंस का बोर्ड लगाकर 37 छात्रों के प्रवेश भी दिखा दिए गए। इसके बाद शासन से सत्र 2010-11 के लिए आई छात्रवृत्ति हड़प ली गई। प्रदेश सरकार ने उसी समय दूसरे राज्यों में पढ़ रहे यूपी के छात्रों को छात्रवृत्ति देने की योजना शुरू की थी। इतना ही नहीं, उत्तराखंड में फर्जी तरीके से कूट रचित कागज तैयार कराकर बैंकों में खाते खुलवाए गए थे। 

आरोपियों ने जिला समाज कल्याण अधिकारी और अन्य प्रधान लिपिक व कर्मचारियों की मिलीभगत से इसे अंजाम दिया। बिजनौर पुलिस ने अंकित और भीम सिंह को पिस्टल, कूट रचित कागज और अन्य कागजों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी ने भी 15 अक्तूबर, 2014 को केस दर्ज कराया था। पहले जांच बिजनौर पुलिस ने की, बाद में आठ अप्रैल, 2015 को शासन ने इस जांच ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर को सौंप दी थी।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें