मेरठ में सिविल लाइन थाने के दरोगा की मनमानी से शिक्षक के जेल जाने की नौबत आ गई। जिस बाइक के चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए शिक्षक एक महीने से भटक रहा था, उस बाइक से दिल्ली में बदमाशों ने चेन लूट की वारदात अंजाम दे दी। दिल्ली पुलिस शिक्षक को गिरफ्तार करने भी पहुंच गई। शिक्षक ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत की कॉपी दिखाई तो दिल्ली पुलिस वापस लौट गई। शिक्षक ने एसपी सिटी विनीत भटनागर से शिकायत दर्ज कराई।
पांडव नगर निवासी अरुण कुमार त्यागी निजी कॉलेज में शिक्षक हैं। 23 जुलाई को घर के बाहर से उनकी बाइक चोरी हो गई थी। पीड़ित ने बताया कि वह एफआईआर दर्ज कराने पहुंचा तो चौकी इंचार्ज भुवनेश कुमार ने तहरीर रिसीव कर बाद में रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही। रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तो पीड़ित ने छह अगस्त को मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर दी, जिस पर शिकायत फिर थाने पहुंच गई। आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने पीड़ित को बुलाकर चोरी हुई बाइक का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होने का तर्क देते हुए एफआईआर की प्रक्रिया से बचने की सलाह दे दी और रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
बुधवार को दिल्ली के ज्योतिनगर थाने की पुलिस शिक्षक के घर पहुंची। पुलिस ने जानकारी दी कि उनकी बाइक से चेन लूट की वारदात हुई है। अरुण ने दिल्ली पुलिस को बताया कि उसकी बाइक एक महीने पहले चोरी हो चुकी है। पुलिस ने एफआईआर मांगी। शिक्षक ने थाने की रिसीव कॉपी दी, लेकिन पुलिस ने उसे मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद अरुण ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की शिकायत की कॉपी पुलिस को दिखाई। इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम उसे बिना गिरफ्तार किए लौट गई।
मामला गंभीर है। दरोगा को तत्काल एफआईआर दर्ज करनी चाहिए थी। इसकी जांच कराए जाने की संस्तुति की गई है। साथ ही इंस्पेक्टर से भी जवाब मांगा गया है। बाइक चोरी की एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
- विनीत भटनागर, एसपी सिटी