फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: गंगा में मिलीं 41 डॉल्फिन, संख्या बढ़ने पर टीम ने जताई खुशी, जानें सभी अपडेट्स

Tue, 13 Oct 2020 01:17 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • पांच से 11 अक्तूबर तक हुई डॉल्फिन की गणना, संख्या बढ़ने पर टीम ने खुशी जताई
  • डॉल्फिन को बचाने के लिए टाइगर टास्क फोर्स की तर्ज पर बनेगी डॉल्फिन टास्क फोर्स
विज्ञापन
बिजनौर में बैराज पर गंगा नदी की धारा में अठखेलियां करतीं डॉल्फिन। संवाद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिजनौर बैराज से नरौरा बैराज तक गंगा का वातावरण डॉल्फिन को खूब भा रहा है। पिछले साल जहां गंगा के इस इलाके में 35 डॉल्फिन थीं, वहीं इस बार इनकी संख्या 41 हो गई है। डॉल्फिन का कुनबा बढ़ने से प्रकृति प्रेमी खुश हैं। गढ़मुक्तेश्वर से नरोरा बैराज के बीच ये पांच डॉल्फिन बढ़ी हैं। 

विज्ञापन


डॉल्फिन को शिकारियों के जाल से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन ने सभी डीएफओ को टाइगर टास्क फोर्स की तर्ज पर डॉल्फिन टास्क फोर्स बनाकर रोजाना गंगा में बोट के जरिए पेट्रोलिंग करने के निर्देश जारी किए हैं। 

उन्होंने बिजनौर बैराज और मुजफ्फरनगर में गंगा के क्षेत्र में शिकारियों द्वारा मछली पकड़ने के लिए जाल डालने पर नाराजगी भी जाहिर की है। ‘मेरी गंगा मेरी सूंस अभियान’ के तहत पांच से 11 अक्तूबर तक गंगा में वन विभाग और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम ने दो बोट के जरिए डॉल्फिन की गणना  शुरू की। सोमवार को ‘बचाना सूंस की जान है गंगा का सम्मान’ अभियान के तहत ऑनलाइन समारोह का आयोजन किया गया। 
विज्ञापन


प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव सुनील पांडेय ने कहा कि डॉल्फिन का बढ़ना बहुत अच्छा प्रयास है। उन्होंने मेरठ जोन के मुख्य वन संरक्षक एनके जानू से कहा कि डॉल्फिन के संरक्षण के लिए टास्क फोर्स का गठन करके रोजाना पेट्रोलिंग कराएं। अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करें।

यह भी पढ़ें: एक्सक्लूसिव: मेरठ-एनसीआर में 15 अक्तूबर से लागू होगा ये नया नियम, 105 उद्योगों को भेजा नोटिस

विज्ञापन

खूब भा रहा गंगा का बेसिन 
डॉल्फिन के साथ ही गंगा के इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में कछुए, घड़ियाल और सारस का झुंड भी दिखाई दिया है। तरह-तरह के जलीय जीवों की संख्या बढ़ने से डॉल्फिन के लिए ये क्षेत्र और भी बेहतर होगा। 

वर्षवार   डॉल्फिन गणना 
  2015     22 
  2016    30 
  2017    32 
  2018     33 
  2019     35 
  2020     41
(बिजनौर बैराज से नरोरा बैराज तक)

यहां-यहां मिलीं डॉल्फिन 
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सीनियर कोआर्डिनेटर संजीव यादव ने बताया कि इस बार गणना दो बोट पर अलग-अलग टीमों द्वारा की गई। उन्होंने बताया कि सात दिन चली गणना में बिजनौर बैराज से सिरजेपुर मुजफ्फरनगर के 25 किलोमीटर क्षेत्र में 07 डॉल्फिन मिलीं। सिरजेपुर से कुंडा गांव तक 31 किलोमीटर के इलाके में 13 डॉल्फिन मिलीं। कुंडा से तिगरी तक हापुड़ क्षेत्र में 10 डॉल्फिन मिली हैं। इनमें कई डॉल्फिन ने सिरजेपुर क्षेत्र से इधर मूव किया है। तिगरी से भगवानपुर तक 30 किलोमीटर तमक हापुड़ और अमरोहा के क्षेत्र में तीन डॉल्फिन मिली हैं। भगवानपुर से अनूपशहर तक 38 किलोमीटर के क्षेत्र में दो डॉल्फिन मिली हैं। अनूपशहर से नरोरा बैराज तक 25 किलोमीटर तक के क्षेत्र में छह डॉल्फिन मिली हैं। 

ये रहे मौजूद 
ऑनलाइन कार्यक्रम में संजय श्रीवास्तव एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेट्री कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट, सुरेश बाबू, मुख्य वन संरक्षक मेरठ जोन एनके जानू, डीएफओ मेरठ अदिति शर्मा, डीएफओ बिजनौर एम. सैमारन, बिजनौर हापुड़ दीक्षा भंडारी, बुलंदशहर डीएफओ गंगा प्रसाद, मुजफ्फरनगर डीएफओ सूरज आदि मौजूद रहे।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें