कंचनपुर घोपला गांव में बुधवार को 23 वर्षीय बुलेट नाम के भैंसे की तेरहवीं धूमधाम से मनाई गई। तेहरवीं में पूरे गांव को दावत दी गई। 23 अगस्त को बुलेट का निधन हो गया था। खेत में ही उसे विधि विधान के साथ दफनाया गया।
कंचनपुर घोपला निवासी किसान चांदवीर सिंह के भैंसे का नाम बुलेट था। बुलेट का बीमारी के कारण 23 अगस्त को निधन हो गया था। बुधवार को बुलेट की अंत्येष्टि गांव में धूमधाम से मनाई गई। तेहरवीं में पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने बुलेट के चित्र पर पुष्पअर्पित किए। चांदवीर ने बताया कि उसके दो बेटे अंकित व अंकुर हैं। बुलेट उनके तीसरे बेटे की तरह था। घर में सभी उसे परिवार का सदस्य मानते थे। बताया कि 19 बार बुलेट परिवार को गंगास्नान कराकर लाया था। बुलेट की खेत में समाधि बनाने की योजना थी लेकिन एमडीए कब ध्वस्तीकरण कर दे, इसलिए समाधि नहीं बनाई गई। तेरहवीं में किसान ब्रह्मसिंह, विजयपाल सिंह, सुखवीर सिंह, सुनील कुमार,अंकित, हीनू व नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।