पीड़ित परिवार और ऊपर लाल घेरे में लिखा मकान बिकाऊ
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अब उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद से भी मजबूरन पलायन का मामला सामने आया है। स्योहारा के गांव रानानंगला में राकेश की अंत्येष्टी के बाद उसके परिजनों ने घर पर ‘यह मकान बिकाऊ है’ लिख दिया है। परिजनों का कहना है कि उनका पुलिस से विश्वास उठ गया है। एक ही साल में परिवार के दो लोगों की जान पुलिस की लापरवाही से गई है। कुख्यात आदित्य के गैंग के डर से गांव वाले भी अंत्येष्टि में शामिल नहीं हुए है। ऐसे में वे गांव से पलायन करना चाहते हैं।
बुधवार को गांव रानानंगला में राकेश की अंत्येष्टि हुई। राकेश के एक मात्र पुत्र सुमित को पगड़ी पहनाई गई। सुमित की उम्र करीब 20 वर्ष है। उसके परिवार में अब वो स्वयं, उसकी मां मंतोष देवी और एक छोटी बेटी लवली ही रह गई है। उसके चाचा मुकेश की हत्या 11 माह पूर्व आदित्य ने की थी। मुकेश के परिवार में मां श्यामो देवी, मुकेश की पत्नी, बेटा आशीष व एक बेटी हैं। मृतक परिवार के लोग पुलिस की कार्यप्रणाली से बेहद खफा हैं।
उनका कहना है कि अब उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है। आशंका जताते है कि अपराधी हर पैरवी करने वाले को ऐसे ही गोलियों से भून देंगे। इसी डर से उन्होंने अपने अपने घर पर ‘यह मकान बिकाऊ है’ का नोटिस चस्पा कर दिया है। परिवार ने अपनी सुरक्षा के लिए असला के लाइसेंस की मांग की थी। हत्या वाली रात पुलिस के अधिकारियों ने लाइसेंस दिलवाने के लिए पूरी तरह से आश्वस्त किया था। मगर, हत्या के आठ दिन बीत जाने के बाद भी परिवार को शास्त्र का लाइसेंस नहीं मिला न ही अभी सारे अपराधी ही पकड़े गए हैं।