सुरक्षित ड्राइविंग के लिए तमाम जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। बाकायदा इसके लिए यातायात सप्ताह भी मनाया जाता है। इसके बावजूद वाहन चालक जानलेवा रफ्तार से दौड़ रहे हैं, जो न केवल अपनी जान जोखिम में डालते हैं, बल्कि दूसरों की जिंदगी से भी खिलवाड़ करते हैं। जनवरी 2022 से मार्च 2023 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो पुलिस ने मेरठ में तेज रफ्तार (ओवरस्पीड) के 1789 वाहनों के चालान किए। यानी इतनी संख्या में लाइसेंस निलंबित (सस्पेंड) किए गए। 15 माह में इतने चालान चिंताजनक हैं।
यह होता है ओवरस्पीड के चालान का नियम
यदि कोई चालक निर्धारित मानक से ज्यादा स्पीड पर वाहन चला रहा है तो उस पर दो हजार रुपये ओवरस्पीड और पांच हजार रुपये डेंजर ड्राइविंग का जुर्माना लगता है। इसके अलावा उसका लाइसेंस तीन माह के लिए सस्पेंड कर दिया जाता है। इस अवधि के दौरान वह वाहन नहीं चल सकता। तीन माह होने पर उसे जुर्माना भरकर अपना लाइसेंस लेना होगा। उदाहरण के तौर पर यदि कोई वाहन चालक दिल्ली का रहने वाला है और मेरठ में उसका ओवरस्पीड का चालान कटता है तो उसका लाइसेंस दिल्ली अथॉरिटी के पास भेज दिया जाएगा। चालक को जुर्माने की राशि मेरठ में जमा करनी होगी और उसकी रसीद ले जाकर अपनी अथॉरिटी से लाइसेंस लेना होगा।
यह भी पढ़ें: भाजपा नेता सुसाइड केस: मां के नहीं थम रहे आंसू, बिलखते हुए बोलीं- नहीं चाहिए चेयरमैनी-मेंबरी, मेरा लाल लौटा दो