बाबा अजब सिंह ने बताया कि संदीप का बड़ा भाई सुधीर आर्मी में हवलदार है और उदयपुर में तैनात है। उसके पिता शौकीन की कई साल पहले मौत हो चुकी है। घर में मां सत्यवीरी व संदीप ही रहते थे। भाई सुधीर अपने बच्चों को अपने साथ ही रखता है। संदीप पिता की मौत के बाद से ही घेर में सोता था।
पहले लाइट काटी, फिर मारी गोली
बदमाशों ने पहले घेर के बाहर लगी स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन काट दिए। गली में अंधेरा हो जाने के कारण बदमाश आसानी से पहुंचे और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। बदमाशों ने छत पर सोए संदीप को गोली मार दी। एक गोली लगने के बाद संदीप वहां से नीचे की तरफ भागा और घेर के आंगन में आकर गिर गया। बदमाशों ने यहां उसे दो गोलियां मारी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बदमाश मौके से फरार हो गए।
जेल से पत्र भेजकर की थी शिकायत
बाबा अजब सिंह ने बताया कि संदीप का यूपी पुलिस भर्ती 2015 में चयन हो गया था। उसका 19 जून को मेडिकल हुआ, जिसमें वह पास हो गया था। एक जुलाई को उसे ज्वाइनिंग करनी थी। जेल में सजा काट रहे देवेंद्र लेड्डा ने जेल से पत्र भेजकर डीएम को शिकायत की थी कि संदीप फर्जी कागजात तैयार कराकर पुलिस में भर्ती हुआ है। डीएम ने एसपी को जांच कर कार्रवाई के लिए लिखा था। एसपी ने सरूरपुर चौकी इंचार्ज अमन सिंह को जांच सौंपी थी। इस मामले की जांच चल रही है।
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