हालांकि, उनके इस बयान पर विपक्ष के नेताओं ने भी आपत्ति की और वह अलग-थलग पड़ गए। शनिवार रात ही सिविल लाइन थाने में भड़काऊ भाषण देने, व्यक्ति की छवि को धूमिल करने और 7लॉ क्रिमिनल अमेंडमेंट एक्ट आदि के तहत सपा नेता पर मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस तलाश में जुटी थी।
शनिवार को पूरे दिन पुलिस टीम उनकी तलाश में दौड़ती रही। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि मुकेश सिद्धार्थ दिल्ली में छिपे हैं और अग्रिम जमानत के प्रयास में लगे हैं। पुलिस ने रात में ही मुकेश सिद्धार्थ को हिरासत में ले लिया। एसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि मुकेश सिद्धार्थ को गिरफ्तार कर लिया गया।
मेरी गिरफ्तारी हो गई है... चिंता करने की जरूरत नहीं : मुकेश सिद्धार्थ
मुकेश सिद्धार्थ ने देर रात अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट किया कि मेरी गिरफ्तारी हो गई है। चिंता करने की जरूरत नहीं है। संघर्ष का ये रास्ता मेरे लिए नया नहीं है। आप समझौते करते रहना, मैं फिर भी आपके लिए लाखों बार लड़ने के लिए तैयार हूं। जेल जाने को तैयार हूं। समाज के लिए मरने को तैयार हूं।
मैंने किसी समाज के खिलाफ कुछ नहीं बोला, सिर्फ उस मंत्री के खिलाफ बोला जिसने मेरे समाज के नौजवानों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। फिर भी अगर समाज को मुझसे शिकायत है तो मैं माफी मांगता हूं। अगर मैं सही हूं तो मैं अपने समाज से सुबह 10 बजे थाना सिविल लाइंस आने का आह्वान करता हूं।