फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: बेटों को इंसाफ के इंतजार में दुनिया छोड़ गई मां

Thu, 03 May 2018 05:49 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
फाइल फोटो
विज्ञापन

तारीख पर तारीख। इंतजार सिर्फ इंसाफ का है। दो बेटों और पति को इंसाफ दिलाने की आस में मजबूत गवाही देने वाली सुरैया दुनिया छोड़ गई। एक हत्यारोपी ने भी जेल में दम तोड़ दिया। गवाही तो हो गई। लेकिन फैसला आना अभी बाकी है। पीड़ित परिवार की मांग है कि आरोपियों के खिलाफ सारे सुबूत हैं, उनको सजा होनी चाहिए। चार नामजद आरोपी जेल में बंद हैं। कोर्ट के फैसले का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। 

विज्ञापन


क्या था मामला 
मेरठ में सदर बाजार क्षेत्र के सोतीगंज में जाकिर व उसके भाई ताहिर और पिता शाहबुद्दीन का 27 सितंबर 2009 में सरेआम कत्ल हुआ था। जिसमें मिजाज और उसके चार बेटे सलाउद्दीन, जियाउद्दीन, शाकिर और सलमान नामजद हुए थे। इस मुकदमे की वादी शाहबुद्दीन की पत्नी सुरैया थी, जो मजबूती से पैरवी भी कर रही थी। बेटों व पति के हत्यारोपियों को सजा हो, उसने कोर्ट में गवाही दी। सुरैया की मौत के बाद जेल में मिजाज ने भी दम तोड़ दिया था। 

यह बताया गया था घटनाक्रम
सोतीगंज में शाहबुद्दीन और उसके भाई मिजाज में रिश्ता टूटने को लेकर रंजिश बताई गई थी। 27 सितंबर को दिन रविवार था। शाम के 5:30 बजे थे। मिजाज और उसकी पत्नी अनवरी शाहबुद्दीन की दुकान पर पहुंचे थे। जहां पर शाहबुद्दीन के बेटे जाकिर व ताहिर बैठे थे। आरोप है कि दंपति की दोनों भाइयों से कहासुनी हो गई। इस दौरान दंपति के बेटे सलाउद्दीन, जियाउद्दीन, शाकिर व सलमान हथियारों से लैस होकर पहुंचे। आरोपियों ने जाकिर की गर्दन काट दी। भाई को बचाने के लिए ताहिर आगे आया तो उसे अनवरी ने पकड़ लिया और उसका भी गला काट दिया गया। शोर शराबा होने पर मौके पर शाहबुद्दीन बच्चों को बचाने आया तो उसके सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर उसे भी मौत के घाट उतार दिया गया। तिहरे हत्याकांड को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गए। बाद में सदर बाजार थाना पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर जेल भेजा।
विज्ञापन


पढ़ें : ट्रिपल मर्डर केस: हर तारीख पर इंसाफ का इंतजार, रुलाता है वो दिन

विज्ञापन

आरोपियों के खिलाफ मजबूत गवाही

फाइल फोटो
पीड़ित पक्ष की तरफ से सीनियर अधिवक्ता अनिल बख्शी का कहना है कि सभी गवाहों ने आरोपियों के खिलाफ मजबूत गवाही दी है। दोनों बेटों और पति के हत्यारोपियों को सजा दिलाने के लिए सुरैया अकेली पैरवी कर रही थी। इस केस में 13 अगस्त 2010 को मुकदमे के वादी इनाम की गवाही शुरू हुई और सुरैया समेत 16 गवाहों के बयान लगभग पांच साल तक चले। सुरैया इंसाफ के लिए लगातार कोर्ट जाती थी। उसकी मौत हो गई। अब मामला न्यायालय में वास्ते बहस न्यायालय स्पेशल कोर्ट एंटी करप्शन के यहां विचारणीय चला आ रहा है। 

सोतीगंज में अभी भी तनाव 
दोनों का परिवार सोतीगंज में रहता है। दो सगे भाई और पिता की हत्या होने के बाद से सोतीगंज में तनाव की स्थिति बनी है। कई बार दोनों पक्ष ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर झूठे मुकदमे दर्ज कराने का प्रयास किये। समझौते के कई बार दबाव डाले गए। लेकिन पीड़ित परिवार इसे मानने को तैयार नहीं है। वहीं, इसी मामले में आरोपियों के खिलाफ तत्कालीन थानाध्यक्ष मोहन लाल द्वारा अवैध हथियार रखे जाने के आरोप में भी मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। वह भी विचाराधीन है।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें