फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेटिंग है तो एमडीए से निकाल लो कोई भी गोपनीय फाइल, वीडियो वायरल

Thu, 03 May 2018 04:41 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, अमित मुदगल, मेरठ
विज्ञापन
चाबी लेकर पहुंचा बाहरी आदमी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

मेरठ विकास प्राधिकरण में फाइलों को गायब करने और दस्तावेजों में फेरबदल के खेल का खुलासा हो गया। बाहरी लोगों के हाथों में गोपनीय विभाग तक की चाबी सौंप दी जाती है और वे फाइल निकालकर जो चाहे उसमें करते हैं। अमर उजाला के हाथ ऐसी ही वीडियो हाथ लगी है जो इस गोरखधंधे की पोल खोल रही है।

विज्ञापन


एमडीए में फाइलें गायब करने का खेल कई साल से चल रहा है। संपत्ति विभाग और अन्य पटल सभी पर यही स्थिति है। यही कारण है कि अधिकारियों ने सख्ती की और फाइलों को कंप्यूटर में दर्ज कराने की व्यवस्था की। 14 हजार से ज्यादा फाइलों को कंप्यूटर में दर्ज कराया गया। संपत्ति विभाग की भी फाइलें कंप्यूटर में दर्ज कई। इसके वावजूद एमडीए में एक हजार से ज्यादा फाइलें ऐसी हैं जिनका पता ही नहीं है। इनमें कई महत्वपूर्ण फाइलें हैं।   

बाहरी लोगों का है दखल
एमडीए में बाहरी लोगों का दखल इस समय चरम पर है। कई पटलों पर बाहरी लोग इस तरह से कम कर रहे हैं, जैसे वे एमडीए के कर्मचारी हो। एमडीए की गोपनीय फाइलों को देखना, उनमें से दस्तावेज गायब करना, बाहर को लोगों को जानकारी देना इसमें शामिल है।
विज्ञापन


सूचना से कमाते हैं लाखों
फाइल देखकर बाहरी लोग एमडीए से लाखों कमा रहे हैं। दरअसल, फाइलों में वे यह चेक कर लेते हैं कि कौन सी संपत्ति में पैसे जमा नहीं हो रहे हैं। फिर उस संपत्ति के मूल आवंटी को ढूंढते हैं तथा सौदेबाजी होती है। फर्जी पावर ऑफ अटार्नी तक बनाकर रजिस्ट्री कराई जाती है। एक मामले में ऐसी ही फाइल में दो लाख रुपये आवंटी ने जमा किए थे, एमडीए ने 20 लाख कर दिया।

आरजी की फाइल गायब 
आरजी डिग्री कालेज में अनधिकृत निर्माण संबंधी फाइल एमडीए से गायब हो गई है। वीसी साहब सिंह के मुताबिक यह फाइल लिपिक जगदीश पंत को दी गई थी जो अब इस फाइल को नहीं लौटा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस फाइल में भी गड़बड़झाला है। आरजी कालेज में बिना मानचित्र के निर्माण किया गया, जिस पर एमडीए ने एक करोड़ से  ज्यादा का शमन शुल्क लगा दिया था। जोन प्रभारी करनवीर सिंह ने मौके पर जांकर जांच भी की थी। इस मामले में जगदीश को निलंबित कर दिया गया है। एक और मामले में अन्य लिपिक को सस्पेंड करने की तैयारी है।

विज्ञापन

वीडियो ने खोल दी पोल

और शुरू हुआ दस्तावेजों में ख्ाेल - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला के हाथ लगी वीडियो ने एमडीए में चल रही कारगुजारी की पूरी पोल खोलकर रख दी है। इसमें दिखाया है कि संपत्ति विभाग में तैनात एक लिपिक किस तरह से एक बाहरी व्यक्ति को गोपनीय अलमारी की चाबी देता है। बाहरी व्यक्ति के साथ ही फाइनेंस ऑफिस से सटे कमरा नंबर 15 के इस कार्यालय में जाता है। वह बाहरी व्यक्ति ही एमडीए की अलमारी खोलता है। उसे चेक करता है और अपने काम की फाइल निकालकर उसे चेक करता है। कुछ दस्तावेज भी इधर उधर किये जाते हैं। एमडीए कर्मचारी और यह बाहरी व्यक्ति दोनों मिलकर फाइल में कुछ फेरबदल करते हैं। इस दौरान एक अन्य कर्मचारी भी यहीं बैठा है।

सफाई दी 
जैसे ही इस लिपिक को आशंका हुई कि उसकी फोटोग्राफी हुई है तो वह थोड़ी देर बाद ही वीसी साहब सिंह के पास पहुंच गया और एक प्रार्थनापत्र दिया। कहा कि उसका भतीजा भोजन लेकर आया था और कुछ लोगों ने उसके फोटो खींच लिए। 

एक्शन होगा
इस लिपिक ने मुझे यह कहा है कि भतीजा भोजन देने आया था। मैं जांच करता हूं कि वास्तव में मामला क्या है? यदि बाहर का व्यक्ति एमडीए की अलमारी खोलकर फाइल चेक कर रहा है तो ठीक नहीं। इस पर एक्शन होगा। -साहब सिंह, वीसी एमडीए

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें