नया साल मेरठ शहरवासियों के लिए सौगात लेकर आ रहा है। आने वाले दो माह के भीतर शहर में 100 करोड़ से भी अधिक के विकास कार्य चलते नजर आएंगे। कच्ची गलियां पक्की बनेंगी। पुरानी टूटी सड़कों के स्थान पर नई सड़क बनेंगी। इतना ही नहीं नाली, नाले आदि का भी निर्माण किया जाएगा।
विकास कार्यों के प्रस्ताव पास हो चुके हैं। टेंडर प्रक्रिया चालू है। हालांकि इसको लोकसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार लोकसभा चुनाव से पहले जनता को साधने का पूरा प्रयास कर रही है।
शहर में कोई सड़क ऐसी नहीं बचेगी, जिसको बनाया नहीं जाएगा। 65 करोड़ ही नहीं बल्कि विकास कार्यों पर खर्च होने वाला बजट 75 करोड़ तक पहुंच जाएगा। धन के लिए नगर निगम ने हाउस टैक्स और अन्य मदों से वसूली तेज करा दी है। सड़कों के साथ साथ हैंडपंप, सबमर्सिबल आदि पर भी कार्य किया जाएगा। -मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।
अगर हम नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यों की बात करें तो सभी वार्डों में तेजी से विकास कार्य कराए जाएंगे। अवस्थापना और टीएफसी से 51 करोड़ के प्रस्ताव पास कराए जा चुके हैं। शीघ्र ही बोर्ड बैठक में शहर में अन्य विकास कार्यों का खाका तैयार कराया जाएगा।
-सुनीता वर्मा, महापौर
निगम 65 करोड़ से कराएगा काम
नगर निगम प्रशासन शहर में लगभग 65 करोड़ रुपये से विकास कार्यों की तैयारी कर चुका है। निगम प्रशासन शहर के विकास पर अवस्थापना और टीएफसी के साथ निगम बोर्ड फंड के धन का भी इस्तेमाल करेगा। इसके लिए नगर निगम प्रशासन ने अवस्थापना और टीएफसी से 51 करोड़ के प्रस्तावों को कमिश्नर से पास करा लिया है। नगर निगम अपने बोर्ड फंड से 15-20 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराएगा।
मलिन बस्तियों में खर्च होंगे 30 करोड़
डूडा ने शहर की मलिन बस्तियों में टायल्स की सड़कें बनाने की योजना को अमली जामा पहनाया है। करीब 30 करोड़ से विकास कार्य कराने की पहल कर रहा है। कुछ कार्यों के टेंडर निकाल दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि शासन ने डूडा से और विकास कार्यों के प्रस्ताव मांग लिए हैं। डूडा के परियोजना अधिकारी आशीष गौड़ का कहना है कि दो माह के भीतर तेजी से काम होते नजर आएंगे।
हाउस टैक्स जमा करने पर दी छूट
नगर निगम ने बोर्ड फंड से काम कराने के लिए फंड जुटाना शुरू कर दिया है। शहर की जनता को दी गई हाउस टैक्स में छूट के चलते एक सप्ताह से नगर निगम में भवन स्वामियों की लाइनें लगी हैं। जनता हाउस टैक्स ही नहीं, जलकल व जल मूल्य भी जमा कर रही है। नगर निगम प्रशासन का दावा है कि 31 मार्च से पहले 30-35 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति होगी।
पीडब्ल्यूडी भी बनवाएगा सड़कें
महानगर में पीडब्ल्यूडी भी कई सड़कों का निर्माण और जीर्णोद्धार की कार्य योजना तैयार कर चुका है। बस शासन से धन मिलने में देरी हो रही है। वैसे तो पीडब्ल्यूडी से शहर की सड़कों पर लगने वाली धनराशि 20 करोड़ से अधिक होगी। इनमें रोहटा रोड निर्माण से लेकर बागपत रोड, दिल्ली रोड, हापुड़ रोड आदि सड़कों पर काम होना है। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर राजपाल सिंह का कहना है कि शीघ्र ही सड़कों के लिए शासन से धन मिलने वाला है।