गांव पंजीठ निवासी कृष्णपाल के पुत्र विकास प्रजापति (19) को पिछले तीन दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन कैराना के प्राईवेट चिकित्सक के यहां उपचार करा रहे थे। जहां कैराना के डाक्टर ने उसे जवाब दे दिया, जिसके बाद मंगलवार रात के समय परिजन विकास को शामली प्राइवेट नर्सिंग होम ले गए, जहां रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
बाद में परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। मृत युवक के ताऊ अमर सिंह के मुताबिक जांच के दौरान डॉ. जमशेद ने उन्हें बताया था कि विकास की प्लेटलेट्स कम हैं। इसके बाद ही सोमवार रात हालत बिगड़ने पर उसे शामली के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डाक्टर ने आशंका जताई है कि युवक की डेंगू जैसे लक्षण के कारण जान गई है।
पंजीठ निवासी विकास की मौत में कथित डाक्टरों की लापरवाही सामने आई है। पंजीठ के ग्राम प्रधान इरशाद ने बताया कि पिछले तीन दिन तक परिजन कैराना में विकास का उपचार कराते रहे, लेकिन परिजनों को नहीं पता लगा कि उनके बेटे को डेंगू है। सोमवार शाम कैराना से जवाब मिलने के बाद जब हालत बहुत गंभीर हो गई थी, तब परिजन उसे शामली ले गए, लेकिन नर्सिंगहोम पहुंचने से कुछ मिनट पहले ही उसकी मौत हो गई थी।
स्वास्थ्य विभाग नहीं गंभीर
इन दिनों मलेरिया, टाइफाइड और वायरल बुखार के बढ़ते प्रकोप से लोग परेशान हैं लेकिन, स्वास्थ्य विभाग ज्यादा गंभीर नहीं दिख रहा है। बुखार से बचाव के लिए अभी तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्षेत्र में न ही कैंप लगाया गया है और न लोगों को जागरूक किया गया। इसे लेकर लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति भी आक्रोश पनप रहा है।