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बेटी का शव देख बिलख पड़ा गांव, गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार, चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात

Tue, 04 Sep 2018 10:26 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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गममीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार और छात्रा के पिता से बात करते विधायक संगीत सोम - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के मेरठ जिले में छेड़छाड़ का विरोध करने पर जिंदा जला दी गई सरधना की बिटिया 19 दिनों बाद मौत से हार गई। 80 फीसदी तक झुलसी इस छात्रा ने मंगलवार सुबह सात बजे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस सूचना से सरधना में तनाव फैल गया। नगर को आठ सेक्टरों में बांटकर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब पांच बजे शव सरधना पहुंचा। शाम करीब सात बजे गम और गुस्से के बीच छात्रा के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान सरधना विधायक ठा. संगीत सोम ने पीड़ित पिता को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।

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कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली यह दुस्साहसिक घटना बीती 17 अगस्त की सुबह करीब 9:30 बजे सरधना नगर में घटित हुई थी। 14 वर्षीय कक्षा दस की इस छात्रा ने रोजाना होने वाली छेड़छाड़ का प्रबल विरोध किया था। जिस पर दबंगों ने घर में घुसकर छात्रा पर केरोसिन उड़ेलकर आग लगा दी थी। बुरी तरह से झुलसी छात्रा को स्थानीय अस्पताल से दिल्ली रैफर कर दिया गया था। छात्रा के पिता ने इस संबंध में मुख्य आरोपी रोहित सैनी, उसके पिता गजराज सिंह, राजवंश बागड़ी, राजवंश के पिता देवेंद्र बागड़ी, दीपमोहन उर्फ चेतन और अमन को नामजद कराया था। पुलिस की भूमिका शुरूआत से संदिग्ध रही। इस सनसनीखेज मामले के राजनैतिक तूल पकड़ने पर पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। लेकिन अमन अभी तक फरार है।

जिस बेटी ने 19 दिनों तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ी, आज वह दुनिया छोड़ गई। बेटी का शव गांव पहुंचा तो इलाके में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ। इस दौरान भाजपा के फायर ब्रांड नेता और सरधना से विधायक संगीत सोम भी परिवार के बीच पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। 

वहीं संगीत सोम ने लोगों से अपील की कि माहौल को शांत बनाए रखे। आरोपियों को कड़ी सजा होगी। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही छात्रा ने मंगलवार को सुबह के समय दम तोड़ दिया। जहां एक तरफ अस्पताल में छात्रा की सांसें थमीं, वहीं पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गए और नगर में छात्रा की मौत को लेकर कोई बड़ा बवाल ना हो जाए उसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। 

बता दें कि सरधना नगर में आठ मजिस्ट्रेट तैनात किए गए। जिसमें देवी मंदिर चौराहे पर खंड विकास अधिकारी को मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया। जुल्हैडा चौराहा कस्बा सरधना में खंड विकास सरूरपुर को तैनात किया गया। तहसीलदार सरधना को छात्रा के घर के पास तैनात किया गया। खंड विकास अधिकारी सरधना को अशोक की लाट चौराहा कस्बा सरधना पर तैनात किया गया। खंड विकास अधिकारी दौराला को पुलिस चौकी साधना के अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत हर्रा को तहसील परिसर में तैनात किया गया। वहीं नायब तहसीलदार को साधना कॉलोनी चौराहे पर तैनात किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी को संघ द्वार रोड पर तैनात किया गया। इसी के साथ अन्य तहसील कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई।

सरधना नगर में छात्रा की मौत के बाद चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात है।
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उल्लेखनीय है कि यूपी के मेरठ जिले के सरधना में 17 अगस्त को छेड़छाड़ के विरोध में शोहदों ने घर में घुसकर छात्रा को आग लगा दी थी। छात्रा गंभीर हालत में दिल्ली में भर्ती थी। उसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था।

हालांकि एक आरोपी अभी फरार है। कस्बे में शोहदों ने छेड़छाड़ का विरोध करने पर छात्रा के घर में घुसकर उस पर केरोसिन उडे़लकर आग लगा दी थी। जिसमें वह 80 फीसदी से ज्यादा झुलस गई थी।

छात्रा के दादा ने मुख्य आरोपी समेत छह लोगों को नामजद कराया था। इस मामले में राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन और स्वयंसेवी संस्थाओं ने धरना-प्रदर्शन कर छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आगे भी आए थे। 

राजपूत उत्थान सभा, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, करणी सेना, सोम चौबीसी, कुशवाह चौबीसी और सपा कार्यकर्ता सड़क पर उतर गए थे। उन्होंने धरना-प्रदर्शन के माध्यम से छात्रा को इंसाफ दिलाने के लिए आवाज उठाई।

वहीं, भाजपा विधायक संगीत सोम ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बातचीत कर पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया था। 

पुलिस ने दबाव के चलते घटना वाले दिन आरोपी राजवंश बागड़ी और उसके पिता देवेंद्र बागड़ी को धर दबोचा। उधर, पुलिस ने इस मामले में मंगलवार को दीपमोहन पुत्र जगमोहन को जेल भेज दिया। 

इसके बावजूद पुलिस पर मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का दबाव बना रहा। पुलिस ने मंगलवार देर रात मुख्यारोपी रोहित एवं उसके पिता गजराज को धर दबोचा। उन्हें बुधवार को जेल भेज दिया। पुलिस अब तक छह आरोपियों में से पांच को जेल भेज चुकी है।

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