पुलिस के मुताबिक पशुपालन विभाग, बाट माप विभाग, एमडीए, प्रशासन, पुलिस और खाद्य विभाग ने अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की है। शनिवार को पुलिस की एक टीम नोटिस लेकर याकूब के घर पर पहुंची। याकूब के दामाद शादाब की मौत के चलते वहां पर लोगों की भीड़ लगी थी। इसके चलते पुलिस नोटिस दिए बिना ही लौट गई। पुलिस का कहना है कि मीट फैक्टरी संचालक से पहले जवाब मांगा जाएगा और फिर आगे की कार्रवाई शुरू होगी।
अलग-अलग प्रयोगशाला में भेजे गए मीट के नमूने
फैक्टरी से मिले मीट के नमूने अलग-अलग प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस ने मथुरा और चंडीगढ़ दोनों प्रयोगशाला के लिए नमूने भेजे हैं। इसमें मीट की गुणवत्ता की जांच होगी। वहीं, मीट के निस्तारण के लिए कोर्ट से अनुमति मिल गई है।
मर्चेंट एक्सपोर्टर बनकर निर्यात कर रहे थे मीट
पुलिस सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2019 में फैक्टरी पर सील लगाने के बाद बाद हाजी याकूब ने अपेडा से परमिशन लेकर अपने मीट को थोड़ा-थोड़ा निकालकर एक्सपोर्ट करना शुरू किया। मर्चेंट एक्सपोर्टर बनकर थोड़ा-थोड़ा एक्सपोर्ट किया गया। बताया जा रहा है कि हाजी याकूब मर्चेंट एक्सपोर्टर के रूप में मीट को विदेश भेज रहा था।