फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: याकूब कुरैशी पर कानूनी शिकंजा, छह विभागों ने मांगा जवाब, नोटिस लेकर पहुंची पुलिस टीम घर पर भीड़ देखने के बाद लौटी

Sun, 03 Apr 2022 03:42 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी के मेरठ के खरखौदा स्थित मीट फैक्टरी में अवैध तरीके से मीट पैकिंग सहित अन्य मामलों की पड़ताल तेज कर दी है। याकूब कुरैशी और उसके परिवार की घेराबंदी के लिए पुलिस-प्रशासन ने कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
हाजी याकूब कुरैशी। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेरठ-खरखौदा पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी और उसके परिवार की घेराबंदी के लिए पुलिस-प्रशासन ने कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। छह विभागों के अधिकारियों ने याकूब कुरैशी से अवैध तरीके से मीट पैकिंग करने सहित अन्य मामलों में जवाब मांगने शुरू कर दिए हैं।

विज्ञापन


शनिवार को खरखौदा पुलिस 91-सीआरपीसी का नोटिस लेकर याकूब के घर सराय बहलीम पहुंची, लेकिन यहां भीड़ देकर पुलिस बिना नोटिस दिए लौट आई। पुलिस का कहना कि याकूब और उसके परिवार की घेराबंदी शुरू कर दी। 

याकूब कुरैशी की हापुड़ रोड स्थित मीट फैक्टरी में वर्ष 2019 में सील लग गई थी। पुलिस के मुताबिक सील के दौरान छह हजार टन मीट फैक्टरी में रखा हुआ था। इसे निर्यात कराने के लिए याकूब को तीन महीने का समय दिया गया था।
विज्ञापन


याकूब ने एमडीए को शपथपत्र भी दिया था कि वह फैक्टरी में कोई नया काम नहीं करेंगे। इसके बावजूद याकूब ने मीट फैक्टरी में पैकिंग कराने का धंधा शुरू कर दिया। मीट पैकिंग का भंडाफोड़ कर दस लोगों को जेल भेजने के बाद पुलिस ने अब याकूब कुरैशी, उनकी पत्नी संजीदा बेगम, बेटे इमरान और फिरोज की घेराबंदी शुरू कर दी।

यह भी पढ़ें: Ramazan 2022: 14 घंटे का होगा पहला रमजान, कैसे बरतें एहतियात, सेहत का भी रखना होगा ध्यान

विज्ञापन

पुलिस के मुताबिक पशुपालन विभाग, बाट माप विभाग, एमडीए, प्रशासन, पुलिस और खाद्य विभाग ने अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की है। शनिवार को पुलिस की एक टीम नोटिस लेकर याकूब के घर पर पहुंची। याकूब के दामाद शादाब की मौत के चलते वहां पर लोगों की भीड़ लगी थी। इसके चलते पुलिस नोटिस दिए बिना ही लौट गई। पुलिस का कहना है कि मीट फैक्टरी संचालक से पहले जवाब मांगा जाएगा और फिर आगे की कार्रवाई शुरू होगी। 
 
अलग-अलग प्रयोगशाला में भेजे गए मीट के नमूने 
फैक्टरी से मिले मीट के नमूने अलग-अलग प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस ने मथुरा और चंडीगढ़ दोनों प्रयोगशाला के लिए नमूने भेजे हैं। इसमें मीट की गुणवत्ता की जांच होगी। वहीं, मीट के निस्तारण के लिए कोर्ट से अनुमति मिल गई है।
 
मर्चेंट एक्सपोर्टर बनकर निर्यात कर रहे थे मीट
पुलिस सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2019 में फैक्टरी पर सील लगाने के बाद बाद हाजी याकूब ने अपेडा से परमिशन लेकर अपने मीट को थोड़ा-थोड़ा निकालकर एक्सपोर्ट करना शुरू किया। मर्चेंट एक्सपोर्टर बनकर थोड़ा-थोड़ा एक्सपोर्ट किया गया। बताया जा रहा है कि हाजी याकूब मर्चेंट एक्सपोर्टर के रूप में मीट को विदेश भेज रहा था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें