सरकार ने खेला चुनावी दाव
सरकार ने लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर यह बढ़ोतरी की है। खाद, बीज, बिजली और डीजल आदि के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और सरकार ने गन्ना मूल्य में मात्र 20 रुपये बढ़ाए हैं।-शेरा जाट, किसान नेता
किसानों को ठगने का काम किया सरकार ने
सरकार ने किसानों को ठगने का कार्य किया है। किसानों को 400 रुपये प्रति क्विंटल दाम किए जाने की आस थी, लेकिन मात्र 20 रुपये बढ़ाए गए जो नाकाफी है।-अनुराग चौधरी, जिलाध्यक्ष भाकियू
400 रुपये हो गन्ना मूल्य
सरकार को 400 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य करना चाहिए। सरकार बनाने में किसानों का सबसे अधिक योगदान होत है लेकिन उन्हें इसका फल नहीं मिल रहा है। सरकार को दाम और बढ़ाना चाहिए।-आकाश सिरोही, युवा जिलाध्यक्ष, भाकियू अराजनीतिक
किसानों के साथ किया धोखा
सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है। बढ़ती महंगाई के कारण प्रदेश के किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। गन्ने की लागत दोगुनी हो चुकी है और सरकार ने मात्र 20 रुपये बढ़ाकर किसानों के साथ मजाक किया है। -राजकुमार सांगवान, राष्ट्रीय सचिव रालोद
नहीं निकल रही किसान की लागत भी
सरकार ने जो दाम बढ़ाए हैं उसमें किसान की लागत भी पूरी नहीं हो रही है। गन्ना मूल्य में वृद्धि होने के बाद भी हरियाणा और पंजाब से अभी भी मूल्य कम है। गन्ने का दाम 400 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए। -संदीप तितोरिया, पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष, भाकियू इंडिया
ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है बढ़ोतरी
गन्ना मूल्य में जो बढ़ोतरी प्रदेश सरकार ने की है वह ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है। किसानों के साथ धोखा किया है। इससे तो किसानों की जो लागत आ रही है वह भी नहीं निकल पाएगी।- डॉ. कुलदीप उज्जवल, राष्ट्रीय सचिव रालोद