इन आधार पर परिजनों ने की पहचान
मोंटी के भाई-बहन और परिवार वाले मोर्चरी पहुंचे तो उन्होंने शव की पहचान मोंटी के रूप में की। उन्होंने बताया कि मोंटी की गर्दन पर टैटू बना हुआ था। उसके हाथ पर माता-पिता का नाम लिखा था। शायद इस वजह से ही हत्यारों ने उसकी गर्दन और हाथ काटकर शव फेंका ताकि उसकी पहचान न हो।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मंसूरपुर पुलिस शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए सूरजकुंड श्मशान घाट ले आई। इस पर मोंटी के परिजनों ने विरोध कर दिया। कई घंटे तक हंगामा हुआ। परिजनों ने कहा कि वे अंतिम संस्कार गांव में ही कराएंगे।
हंगामे के बाद परिजन शव लेकर मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हो गए। लेकिन देर रात मामले में आए नए मोड़ के बाद शव वापस दौराला भेज दिया गया और मोंटी को युवती के साथ चंडीगढ़ से बरामद कर लिया गया।
मोंटी के खिलाफ दर्ज थी युवती के अपहरण की रिपोर्ट
मोंटी के खिलाफ गांव के ही एक परिवार ने बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शव मिलने के बाद मोंटी के परिजनों ने गांव की ही युवती के परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि मोंटी का युवती से प्रेम-प्रसंग था। वह उससे मिलने के लिए 28 अगस्त की रात घर गया था। परिजनों ने उसे पकड़कर मार दिया। हो सकता है कि युवती की भी हत्या कर दी गई हो।
चंडीगढ़ में युवती के साथ मिला मोंटी
मोंटी चंडीगढ़ में दिन में सैलून की दुकान पर काम करता था। रात को गार्ड की नौकरी करता था। भाइयों ने बताया कि रक्षा बंधन पर मोंटी 22 अगस्त को गांव आया था। 28 अगस्त की रात वह घर से गायब हो गया।
29 अगस्त की सुबह पांच बजे गांव की युवती के परिजनों ने बताया कि मोंटी उनकी बेटी को बाइक पर अगवा करके ले गया है। इसके बाद से परिजन उसकी तलाश कर रहे थे लेकिन उसके बारे में कहीं पता नहीं चला। उसका मोबाइल तब से ही बंद आ रहा था। बुधवार देर मोंटी को युवती के साथ चंडीगढ़ से बरामद कर लिया गया।
नौ सितंबर को मिले शव की कहानी अनसुलझी
मोंटी के बरामद होने के बाद नौ सितंबर को दौराला में मिले शव की कहानी फिर उलझ गई। सिर और हाथ कटा शव आखिर किसका है। इस बात के सिर्फ कयास ही लगाए जाते रहे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।