पहले से चल रही योजनाओं के साथ नई शुरू होने वाली योजनाओं के लिए केंद्र सरकार ने तिजोरी खोल दी है। पीवीवीएनएल को 13036 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं से कंपनी के सभी 14 जनपदों में 203 नए बिजलीघरों का निर्माण किया जाएगा और 335 पुराने बिजलीघरों की क्षमतावृद्धि की जाएगी।
एक ही स्थान पर दो से तीन बार फुंकने वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के साथ ही हजारों नए ट्रांसफार्मर लगेंगे। 15 हजार किलोमीटर एलटी और 1791 किलोमीटर लंबी एचटी लाइन बनाई जाएगी। इस योजना के तहत मेरठ में 18 नए बिजलीघर बनाए जाएंगे, 48 की क्षमता वृद्धि की जाएगी।
ऐसी बनी कार्ययोजना
| जिला |
नए बिजलीघर |
क्षमता वृद्धि |
| मेरठ |
18 |
48 |
| बागपत |
06 |
18 |
| बिजनौर |
21 |
25 |
| बुलंदशहर |
22 |
55 |
| बुलंदशहर |
22 |
55 |
| गौतमबुद्धनगर |
31 |
18 |
| गाजियाबाद |
14 |
22 |
| अमरोहा |
17 |
09 |
| अमरोहा |
17 |
09 |
| मुरादाबाद |
10 |
16 |
| मुजफ्फरनगर |
05 |
11 |
| हापुड़ |
10 |
26 |
| रामपुर |
20 |
27 |
| सहारनपुर |
07 |
11 |
| शामली |
04 |
13 |
कंपनी ने आरडीएस योजना के तहत अगले पांच साल के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली है। योजना में मिलने वाले बजट से कंपनी के बिजली ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इसके बाद उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने और लाइनलॉस रोकने में मदद मिलेगी।
- अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ