पश्चिमी यूपी में गन्ने का भुगतान, एमएसपी पर फसलों की खरीद और खेतों में छुट्टा पशुओं से हो रहे नुकसान भी बड़ा मुद्दा हैं। पश्चिमी यूपी के ठेठ देसी अंदाज में रागनियां भी इन्हीं मुद्दों पर गढ़ी गई हैं। जयंत चौधरी ने किसान आंदोलन में जान गंवाने वालों की याद में स्मारक बनाने की घोषणा कर साफ कर दिया है कि किसान आंदोलन से बीजेपी के लिए उपजी नाराजगी उनके लिए अहम है।
ध्रुवीकरण की काट में जातीय गणित
सपा-रालोद पश्चिमी यूपी में ध्रुवीकरण की काट में जातीय गणित बिठाने में भी जुट गए हैं। किसान आंदोलन के सहारे वह जाट मतदाताओं में फिर अपनी पैठ बनाने में जुटे हैं तो मुस्लिम और दलित पर भी नजर है। वर्ष 2009 में भाजपा के साथ गठबंधन के बाद मुस्लिम रालोद से छिटक गया था।
2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के बाद जाट मतदाताओं का रुझान भी भाजपा की तरफ हो गया, पर किसान आंदोलन से पश्चिमी यूपी में रालोद को राजनीतिक लाभ मिला है।
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रालोद की तरफ से रोहटा में लगेगा रोजगार मेला
रालोद के मीडिया संयोजक सुनील रोहटा ने बताया कि रालोद की तरफ से रोहटा में जल्द ही रोजगार मेला लगाया जाएगा। इसमें कई बड़ी कंपनियां आएंगी और रोजगार देंगी। जल्द ही तारीख के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने बताया कि दबथुवा रैली में राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह का फोकस नौजवानों पर रहा। वे युवाओं की परेशानी समझते हैं और सरकार बनने पर उनके लिए बहुत कुछ करेंगे।
अलीगढ़ की रैली दबथुवा से भी बड़ी होगी
कृषि कानूनों को वापस लेने में देरी हुई। गन्ना बकाया भुगतान और एमएसपी भी बड़ा मुद्दा बना हुआ है। सपाई लगातार इसके खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। किसानों को जागरूक करते रहेंगे। 23 दिसंबर को इगलास (अलीगढ़) में होने वाली साझा रैली दबथुवा से भी बड़ी होगी। - नरेश उत्तम पटेल, प्रदेश अध्यक्ष सपा
किसानों के साथ ज्यादती हुई है और हो रही है। रालोद हमेशा से किसानों के साथ है और आगे भी रहेगी। किसानों के लिए संघर्ष करती रहेगी। किसानों की आवाज बनती रहेगी। अब बड़ी संख्या में लोग इगलास की रैली में जाएंगे। - त्रिलोक त्यागी, राष्ट्रीय महासचिव रालोद