उन्होंने कहा कि सपा की लाल टोपी समाज की सुरक्षा के लिए खतरा है। इसी लिए जनता को ऐसी पार्टियों के झांसे में नही आना चाहिए। इस बार भी सिवालखास में समुदाय विशेष को प्रत्याशी बनाकर गठबंधन ने अन्य समुदाय के लोगो का सम्मान कम करने का काम किया है।
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कहा कि कुछ लोग भयभीत हो गए, उन्होंने प्रत्याशी बदल दिए। मुजफ्फरनगर दंगों के प्रत्याशी बनाकर उंन्होने मंशा बता दी। आज मेरा मेरठ में दौरा नही था,लेकिन मैं अलग कार्यक्रम तयकर यहां सिवालखास आया हूं। लोकसभा में मैं यहां आया था,2017 के पहले क्या स्थिति थी। हर तीसरे दिन दंगा होता था,नौजवानों पर झूठे मुकदमे लादे जाते थे, किसान आत्महत्या करने को मजबूर था,बेटियों की सुरक्षा नही थी।
2017 में हमने आने के बाद पहला फैसला किसानों के कर्जमाफी का किया। प्रदेश के 2 करोड़ 54 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि देने का कार्य हो रहा है, हमने सरकार में आने के बाद अवैध बूचड़खाने को बंद करने का किया,बेटियों की सुरक्षा के लिए हमने छूट दी थी कि बेटियों की सुरक्षा के लिए बने खतरे को गले मे तख्ती डालकर थाने घुमाया जाए।
सचिन-गौरव जैसे युवाओं को मारने वाले दंगाईयों को लखनऊ बुलाकर सम्मानित किया जाता था। महत्वपूर्ण ये नही कि कौन विधायक बने महत्वपूर्ण ये की समाज की सुरक्षा कौन सरकार दे सकती है, इनकी लाल टोपी ही सुरक्षा के लिए खतरा है।