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हस्तिनापुर नाव हादसा: शिक्षक का शव देख मची चीख-पुकार, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, सर्च ऑपरेशन खत्म

Thu, 20 Oct 2022 12:35 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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नाव हादसा, हस्तिनापुर - फोटो : अमर उजाला
हस्तिनापुर में गंगा में नाव हादसे के बाद से लापता प्राइमरी शिक्षक महेश चंद शर्मा (45) का शव 30 घंटे बाद एसडीआरएफ के गोताखोरों ने तलाश लिया है। मंगलवार को ही मजदूर मोनू शर्मा का शव मिला था। नाव में सवार शेष 13 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था। बुधवार को तलाशी अभियान रोक दिया गया है। अफसरों ने कहा कि ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि नाव में इन 15 लोगों के अलावा कोई और भी था। 

हस्तिनापुर को चांदपुर से जोड़ने वाले गंगा पुल की एप्रोच रोड 28 जुलाई को पानी की तेज धारा में बह गई थी। तभी से प्रतिदिन सैकड़ों कर्मचारी, शिक्षक, किसान, मजदूर यहां अवैध रूप से चल रही नाव में सवार होकर नदी पार करते थे।
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हस्तिनापुर में हादसा। - फोटो : अमर उजाला
वहीं मंगलवार सुबह 7:30 बजे गंगा पुल के पिलर से टकराकर नाव पलट गई थी। डीएम दीपक मीणा के मुताबिक, नाव में 15 लोग सवार थे। इनमें से 13 को स्थानीय लोगों और स्टीमर सवार हरीश एवं सतपाल ने बचा लिया था। जानी क्षेत्र के रावा गांव निवासी मजदूर मोनू शर्मा का शव मिल गया था। गंगा में डूबे हस्तिनापुर की भीमनगर कॉलोनी निवासी शिक्षक महेश चंद शर्मा पुत्र बलवंत नहीं मिल सके थे।
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हस्तिनापुर में हादसा। - फोटो : अमर उजाला
बुधवार को सूर्यादय के साथ ही एसडीआरएफ और पीएसी की फ्लड कंपनी गंगा में उतारी गई। करीब पांच घंटे तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलता रहा परंतु टीम उसे ढूंढने में नाकाम रही। उसके बाद स्थानीय युवा अपने स्टीमर के साथ गंगा में उतरे। कुछ देर बाद ही इन्हें बधवा गांव के पास शिक्षक महेश चंद का शव बरामद हुआ। उन्होंने इसकी सूचना एसडीएम मवाना को दी और शव अफसरों को सौंप दिया।

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हस्तिनापुर में हादसा। - फोटो : अमर उजाला
शिक्षक का शव देख मची चीख-पुकार
शिक्षक महेश चंद शर्मा के परिजन नाव हादसे की सूचना के बाद ही गंगा घाट पर पहुंच गए थे। महेश के पांच बेटे और पत्नी सरोज रात भर गंगा किनारे ही बैठे ईश्वर से प्रार्थना करते रहे। बुधवार को जैसे ही शव मिला तो उनकी उम्मीदें टूट गईं। पूरा परिवार बिलखने लगा। रिश्तेदार और स्थानीय लोग उन्हें सांत्वना देते रहे। 

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हस्तिनापुर में हादसा। - फोटो : अमर उजाला
लोग बोले- और भी लोग डूबे
इस घटना के चश्मदीद और नाव हादसे में सुरक्षित बचे कस्बे के जलीलपुर ब्लॉक में प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में तैनात शिक्षक देवेंद्र सिंह ने बताया कि एक नई होंडा मोटरसाइकिल पर आए दो लोग भी नाव में बैठे थे। इनकी आयु 50 से ज्यादा थे और वे उनसे कुछ दूरी पर थे। देवेंद्र ने बताया कि इन दो लोगों के भी डूबे होने की संभावना है। ये दो लोग कौन थे और कहां से आए थे इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
 
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हस्तिनापुर में हादसा। - फोटो : अमर उजाला
नाव से बंधे भैंसे की एक दिन पहले हुई थी मौत
स्थानीय लोगों ने बताया कि बिजनौर के स्याली गांव निवासी एक व्यक्ति ने हस्तिनापुर के गांव फाजलपुर से 60 हजार रुपये में एक भैंसा खरीदा था। मालिक नाव में बैठ गया। उसने भैंसे का रस्सा नाव में बांध लिया। जब नाव गंगा के बीच में पहुंची तो भैंसा तैरते हुए थक गया और डूबने लगा। इससे नाव भी अनियंत्रित होने लगी। लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए भैंसे का रस्सा खोल दिया। इसके बाद नाव आगे चली गई और भैंसा डूब गया।
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