आरोप है कि वे लोग धर्मस्थल को बंद कराने की कोशिश कर रहे हैं। पुजारी ने बताया कि आरोपी पहले भी हमला कर चुके हैं, तब भी पुलिस को घटना के बारे में बताया था। उस समय भी पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की थी। बताया कि उनके द्वारा बुधवार रात में ही पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाए पर श्रद्धालुओं से ही अभद्रता की। धर्मस्थल के पुजारी, पंडित सहित कई लोगों को पकड़ कर ले गई। रातभर थाने में बंद रखने के बाद दिन निकलने पर पंडित व पुजारी को तो छोड़ दिया गया, बाकी अन्य को पुलिस ने नहीं छोड़ा। बृहस्पतिवार को भी धर्मस्थल में ठहरी महिला श्रद्धालुओं में दहशत का माहौल है। पुजारी के अनुसार तहरीर देने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है, उल्टे श्रद्धालुओं को जेल भेजने में लगी है। वहीं कोतवाल ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में बिजनौर के विकास, आकाश व किशन को शांतिभंग में गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया है।
पुजारी ने न्याय न मिलने पर अन्न त्यागा
पुजारी महेंद्र गिरी गोस्वामी हमले की घटना से बुरी तरह से आहत हैं। पुजारी का कहना है कि जब तब पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई कर उन्हें न्याय नहीं दिलाती है, तब तक वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। वह धर्मस्थल के पुजारी ही नहीं हैं, बल्कि हिंदू रक्षा सेना बिजनौर के जिला प्रभारी भी हैं। घटना का पता लगने पर उनके संगठन के जिलाध्यक्ष डा. तेजपाल सिंह, मीडिया प्रभारी मनीष चौहान आदि कार्यकर्ता पहुंच कर घटना की जानकारी ली और न्याय दिलाने को एसपी से मिलने की बात कही।
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सीओ अर्चना सिंह ने पुजारी और अन्य श्रद्धालुओं के लगे आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया है। सीओ का कहना है कि पुजारी ने एक साल पहले गांव के नरेंद्र कुमार से गऊशाला खोलने के लिए जमीन खरीदी थी। पैसों के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच में विवाद चल रहा था, जिसके कारण रंजिशन दो पक्षों में यह घटना हुई। आरोप है कि पुजारी बेवजह इसे धार्मिक रूप देकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है। कोतवाल मनोज कुमार ने भी ये ही बात दुहराया।
पुजारी ने श्रद्धालुओं से कराया हमला: ग्रामवासी
गांव के दलित समाज के लोगों ने पुजारी के लगे आरोपों को निराधार बताया। कहा कि धर्मस्थल और पुजारी पर कोई हमला नहीं किया गया है। बल्कि पुजारी षड्यंत्र के तहत श्रद्धालुओं को आगे कर उन्हें मंदिर के पास से हटाना चाहता है। आरोप है कि पु
जारी उनसे पहले भी कई बार धर्मस्थल के सामने एक व्यक्ति की बनी तीन दुकानों को लेने की मांग कर चुका है। मना करने पर वह उनसे रंजिश रखता है। हमले में गांव का नरेंद्र व उसके परिवार के तीन सदस्यों को चोटें आई हैं।
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