10 हजार हथियारों की खपत
पश्चिमी यूपी से एक साल में करीब 20 हजार से ज्यादा अवैध हथियार तैयार व अधबने पिस्टल-तमंचे पकड़े जाने का पुलिस दावा करती हैं। एलआईयू भी इसकी रिपोर्ट शासन को भेज चुकी है। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि मेरठ व बरेली में एक माह में करीब 10 हजार से अधिक अवैध हथियारों की खपत होना बताया। पुलिस ने बताया कि अवैध हथियारों से घटना कर दहशत फैलाई जाती है।
दिल्ली पुलिस ने डाला डेरा
मेरठ जोन में दिल्ली पुलिस ने डेरा डाला हुआ है। लिसाड़ीगेट में कई जगह हथियार बनने की जानकारी भी दिल्ली पुलिस के पास है। दिल्ली पुलिस का दावा कि घरों में बड़े बड़े तहखाने बनाकर अवैध हथियार बनाने का धंधा चल रहा है। हथियार बनाने वाले कारीगर, सप्लायर व पुलिस से सेटिंग करने वाले लोग अलग-अलग हैं। नेटवर्क बड़ा हैं, उसकी तलाश में दिल्ली पुलिस हैं। इसका पता लगने पर यूपी पुलिस एक्टिव हो गई है।
युवाओं में बड़ा शौक
मेरठ जोन में रोजाना 10-15 तमंचे और पिस्टल पकड़ी जाती हैं। अवैध हथियारों की फैक्ट्रियां भी पुलिस पकड़ रही है। यह सामाजिक बुराई है। युवाओं में अवैध हथियार रखने का मानो शौक सा हो गया है। पुलिस अभियान चलाकर अवैध हथियार की सप्लाई पर शिकंजा कसेगी।
- प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन
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