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चुनाव से पहले बढ़ती है अवैध हथियारों की मांग, खतरनाक इनपुट से 'दिल्ली स्पेशल सेल' ने डाला डेरा

Fri, 12 Oct 2018 12:58 PM IST
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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अवैध हथियार
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पश्चिमी यूपी के जिलों में अवैध हथियार सप्लायरों का टारगेट बड़ा खतरनाक हैं। सबसे ज्यादा हथियार मेरठ व बरेली जोन में सप्लाई होने का इनपुट खुफिया विभाग का है। देहात-शहर में तमंचे व पिस्टल बनाने की फैक्ट्री चल रही हैं। हथियार बनाने वाले मुंगेर, दिल्ली और मेरठ के कई कारीगरों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी है।

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इस खतरनाक इनपुट के मिलने पर दिल्ली स्पेशल सेल ने मेरठ जोन में डेरा डाला हुआ है। चुनाव जैसे ही करीब आता है, अवैध हथियारों की डिमांड बढ़ने लगती हैं। पुलिस हथियार बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ती हैं। कारीगरों को पुलिस जेल भेज देती है। सरगना हत्थे नहीं चढ़ते। जिसका नतीजा हथियार बनाने की जगह बदलती है। लेकिन धंधा चलता रहता है। 

दो जोन में बड़ा नेटवर्क
मेरठ-बरेली जोन के जिलों में हथियारों की डिमांड सबसे ज्यादा हैं। खुफिया विभाग के इनपुट के मुताबिक मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर और हापुड़ में हथियारों की फैक्ट्री चलने की जानकारी है। वहीं, बरेली जोन के बिजनौर, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, पीलीभीत, बरेली, रामपुर, शाहजहांपुर में भी हथियार सप्लायरों का नेटवर्क फैला हुआ है। 
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मुंगेर के कारीगरों की मांग
दिल्ली स्पेशल सेल ने मेरठ व मुजफ्फरनगर में मुखबिर की निशानदेही पर अवैध हथियार बनाने वालों की तलाश में दबिश दी। जिसमें 84 पिस्टल तैयार और अधबने हथियारों की खेप बरामद कर ले गई। मुंगेर के तीन कारीगरों को मेरठ से गिरफ्तार किया। कारीगरों ने बताया कि मुंगेर में हथियार बनाने का धंधा धीमा हो गया है। पुलिस की सख्ती होने पर वहां के कारीगर मेरठ और बरेली जोन के जिलों में जाकर हथियार बना रहे हैं। इन कारीगरों की डिमांड भी ज्यादा हैं।

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10 हजार हथियारों की खपत
पश्चिमी यूपी से एक साल में करीब 20 हजार से ज्यादा अवैध हथियार तैयार व अधबने पिस्टल-तमंचे पकड़े जाने का पुलिस दावा करती हैं। एलआईयू भी इसकी रिपोर्ट शासन को भेज चुकी है। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि मेरठ व बरेली में एक माह में करीब 10 हजार से अधिक अवैध हथियारों की खपत होना बताया। पुलिस ने बताया कि अवैध हथियारों से घटना कर दहशत फैलाई जाती है। 

दिल्ली पुलिस ने डाला डेरा 
मेरठ जोन में दिल्ली पुलिस ने डेरा डाला हुआ है। लिसाड़ीगेट में कई जगह हथियार बनने की जानकारी भी दिल्ली पुलिस के पास है। दिल्ली पुलिस का दावा कि घरों में बड़े बड़े तहखाने बनाकर अवैध हथियार बनाने का धंधा चल रहा है। हथियार बनाने वाले कारीगर, सप्लायर व पुलिस से सेटिंग करने वाले लोग अलग-अलग हैं। नेटवर्क बड़ा हैं, उसकी तलाश में दिल्ली पुलिस हैं। इसका पता लगने पर यूपी पुलिस एक्टिव हो गई है। 

युवाओं में बड़ा शौक
मेरठ जोन में रोजाना 10-15 तमंचे और पिस्टल पकड़ी जाती हैं। अवैध हथियारों की फैक्ट्रियां भी पुलिस पकड़ रही है। यह सामाजिक बुराई है। युवाओं में अवैध हथियार रखने का मानो शौक सा हो गया है। पुलिस अभियान चलाकर अवैध हथियार की सप्लाई पर शिकंजा कसेगी। - प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन

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