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मंत्री गिरिराज सिंह के बयान पर आगबबूला हुए देवबंदी उलेमा, कही ये बड़ी बात

Fri, 12 Oct 2018 11:49 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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फाइल फोटो
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हिंदू और मुस्लिम दोनों मिलकर राम मंदिर बनाएं, नहीं तो देश के हालात खराब हो सकते हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के इस बयान पर देवबंदी उलेमा भड़क गए हैं।

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उलेमा का कहना है कि चुनाव नजदीक आने पर आरएसएस और भाजपा के लोग ऐसी बयानबाजी करके हिंदू और मुसलमानों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जो फैसला देगा वह हमें मंजूर होगा।

फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि गिरिराज सिंह को बयानबाजी करने से पहले यह सोचना चाहिए कि बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए इस पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करना ठीक नहीं है।
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मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने इल्जाम लगाया कि चुनावों के मौसम में आरएसएस और बीजेपी नेता ऐसी बयानबाजी कर हिंदू मुस्लिमों में नफरत फैलाते हैं, जो गलत है। उन्होंने अवाम से अपील की है कि इस तरह के लोगों के बयानों पर ध्यान न दें।
 

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उलेमा बोले, हिंदुस्तान में मस्जिदों में महिलाओं के नमाज पढ़ने का रिवाज नहीं  
केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब मुस्लिम महिलाओं ने सुन्नी मस्जिदों में प्रवेश की मांग उठाई है। केरल का मुस्लिम महिला संगठन इस मुद्दे को लेकर अगले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगा। इस पर फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि महिलाओं का मस्जिदों में जाकर नमाज पढ़ने का रिवाज अरब देशों में है। लेकिन हिंदुस्तान में इस तरह का कोई रिवाज नहीं है। मंदिरों में महिलाओं का जाकर पूजा पाठ करना यह उनकी परंपरा का हिस्सा है। लेकिन मस्जिदों में महिलाओं का जाकर नमाज अदा करना, यह रिवाज हिंदुस्तान में कहीं नहीं है। इसलिए इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करना किसी भी सूरत में ठीक नहीं है। 

वहीं मौलाना सगीर कासमी का कहना है कि जो महिला संगठन इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जाने की तैयारी कर रहा है। उसे पहले कुरान और हदीस के हुक्म की जानकारी करनी चाहिए।

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