उलेमा बोले, हिंदुस्तान में मस्जिदों में महिलाओं के नमाज पढ़ने का रिवाज नहीं
केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब मुस्लिम महिलाओं ने सुन्नी मस्जिदों में प्रवेश की मांग उठाई है। केरल का मुस्लिम महिला संगठन इस मुद्दे को लेकर अगले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगा। इस पर फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि महिलाओं का मस्जिदों में जाकर नमाज पढ़ने का रिवाज अरब देशों में है। लेकिन हिंदुस्तान में इस तरह का कोई रिवाज नहीं है। मंदिरों में महिलाओं का जाकर पूजा पाठ करना यह उनकी परंपरा का हिस्सा है। लेकिन मस्जिदों में महिलाओं का जाकर नमाज अदा करना, यह रिवाज हिंदुस्तान में कहीं नहीं है। इसलिए इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करना किसी भी सूरत में ठीक नहीं है।
वहीं मौलाना सगीर कासमी का कहना है कि जो महिला संगठन इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जाने की तैयारी कर रहा है। उसे पहले कुरान और हदीस के हुक्म की जानकारी करनी चाहिए।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/