मेरठ-हापुड लोकसभा सीट पर बसपा ने देवव्रत त्यागी को प्रत्याशी बनाया था। बसपा ने सोशल इंजीनियरिंग का हवाला देते हुए 80 हजार त्यागी, तीन लाख दलित, 5.50 हजार मुस्लिम और अति पिछड़ों के गणित के आधार पर जीत का दावा किया था। बसपा प्रत्याशी देवव्रत त्यागी 86042 मत पाकर अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए। देवव्रत त्यागी को मिले मतों के आंकड़ों के मुताबिक जहां त्यागी समाज ने भी इनको दिल से गले नहीं लगाया, वहीं दलित समाज को भी त्यागी नहीं भाए। पिछड़ों ने तो पूरी तरह दूरी ही बनाए रखी है।
सभी सीटों पर तीसरे स्थान पर रही बसपा
मेरठ के अलावा बागपत से प्रवीण बसंल, बिजनौर चौ. विजेंद्र सिंह, मुजफ्फरनगर दारा सिंह प्रजापति, सहारनपुर माजिद अली, कैराना श्रीपाल राणा, नगीना से सुरेंद्र पाल समेत, अमरोहा, मुरादाबाद, गाजियाबाद और नोएडा समेत सभी सीटों पर बसपा तीसरे स्थान पर रही है। हालांकि, बिजनौर में विजेंद्र सिंह की जमानत किसी तरह बच गई।
अकेले चलना बसपा को पड़ गया भारी
एकला चलो की राह पर बसपा को 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ना भारी पड़ गया। अगर 2019 की बात करें तो बसपा ने सपा और रालोद के गठबंधन में शामिल होकर पश्चिम उप्र के सहारनपुर से फजलुर्ररहमान, बिजनौर से मलूक नागर, नगीना से गिरीश चंद, अमरोहा से दानिश अली, आंबेडकर नगर से रितेश पाण्डेय, श्रावस्ती से राम सिरोमणि, लालगंज से संगीता आजाद, घोसी से अतुल कुमार सिंह, गाजीपुर से अफजाल अंसारी और जोनपुर से श्याम सिंह यादव को सांसद बनाया था। इस बार पार्टी शून्य पर सिमट गई।
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2019 लोकसभा चुनाव परिणाम-
राजेंद्र अग्रवाल - भाजपा - 586,184 48.2 प्रतिशत
हाजी याकूब कुरैशी - बसपा,सपा - 581,455 47.8 प्रतिशत
हरेंद्र अग्रवाल- कांग्रेस - 34,479 2.8 प्रतिशत
बसपा ने सपा-भाजपा का बिगाड़ा खेल
कई सीटों पर बसपा की कहानी हम तो डूबे सनम तुम्हें भी ले डूबे वाली रही। बसपा प्रत्याशी जीत हासिल नहीं कर पाए हों, लेकिन कई सीटों पर सपा और भाजपा का खेल बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मुजफ्फरनगर में बसपा प्रत्याशी ने भाजपा के डॉ. संजीव बालियान का खेल बिगाड़ दिया। भाजपा का कोर वोटबैंक प्रजापति समाज बसपा प्रत्याशी दारा सिंह के साथ खड़ा हो गया। दारा सिंह को 139801 मत मिले। इनमें लगभग 50 हजार से अधिक वोट प्रजापति समाज के बताए जा रहे हैं। इस समीकरण के चलते डॉ. संजीव बालियान को हार का मुंह देखना पड़ा। मेरठ में बसपा प्रत्याशी देवव्रत त्यागी ने दलित वोट लेकर सपा प्रत्याशी सुनीता वर्मा का खेल बिगाड़ दिया।
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