250 फुट पर बोरिंग किया
- फोटो : अमर उजाला
इंजीनियर हेरी पीटर ने बताया कि गैस और तेल का भंडारण को तलाशने की जांच का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। यह कार्य लगभग तीन साल में पूरा होगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी गुजरात, राजस्थान, बर्मा में जांच की गई थी। परीक्षण के बाद काफी हद तक उनको सफलता मिली।
230 फुट धरती में डेटोनेटर से ब्लास्ट किया
इंजीनियर हेरी पीटर ने बताया कि धरती के भीतर 230 फुट बोरिंग कराया गया। इसके बाद लोहे के पाइपों को बाहर निकाला गया। गड्ढे में रस्सी में बांधकर डेटोनेटर (छोटे बम) को धरती में छोड़ गया। इन डेटोनेटर को लैपटॉप से नेट के जरिये धरती में ब्लास्ट कर पृथ्वी के कंपन की क्षमता आंकी गई। इंजीनियर ने बताया कि तीन तीन किलोमीटर के दायरे में 250-250 फुट के बोरिंग कराए जाएंगे। इसके बाद धरती में पाइप लाइन बिछाई जाएगी। फिर 250 किलो आरडीएक्स से धरती में ब्लास्ट कराया जाएगा। धमाके से पृथ्वी कंपन की क्षमता आंकने पर धरती के अंदर तेल और गैस का पता लग सकेगा।
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