सीओ रामकरन का कहना है कि मंदिर के समीप सड़क पर मांस किसके द्वारा फेंका गया, पुलिस गंभीरता के साथ मामले की जांच कर रही है। शरारती तत्व कोई भी हो उसे किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ग्रामीणों ने कोई तहरीर नहीं दी है।
अंतर्राष्ट्रीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी विरेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि वर्ग विशेष के लोगों द्वारा ऐसा घिनौना कृत्य कर उनकी आस्था को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन ने दो दिन के भीतर मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा तो ग्रामीण स्वयं इस घटना का बदला लेंगे। वहीं, सोमवार की सुबह गांव में एनाउंसमेंट करा दिया गया कि वर्ग विशेष के व्यक्ति को गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा।
बता दें कि मिरगपुर उत्तर प्रदेश का ऐसा गांव है जिसमें मांस, मदिरा, तंबाकू समेत करीब 17 तामसिक वस्तुओं के सेवन पर प्रतिबंध है। बाबा फकीरादास द्वारा दिलाई गई उक्त प्रतिज्ञा का पूरा गांव सैंकड़ों वर्षों से पालन करता आ रहा है। मिरगपुर गांव में नशामुक्त होने का प्रमाण पत्र में हासिल है।