उन्होंने कहा कि दोनों पार्षदों की ओर से भ्रस्टाचार के मामलों को सदन में उठाया गया जसके चलते उनके साथ ये व्यवहार किया गया। भाजपा के पार्षद व अन्य सदस्यों को डर था कि उनकी पोल खुल जाएगी, जिसके चलते दोनों पार्षद कुलदीप और आशीष की आवाज को दबाने का काम किया गया।
उन्होंने भाजपा महिला पार्षदों के द्वारा छेड़छाड़ के आरोप लगाए जाने के मामले पर कहा कि भाजपा हमेशा से ऐसा ही करती आई है, दिनभर उनकी ओर से कुछ नही किया गया और देर शाम में छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए। जब भाजपा के मंत्री और एमएलसी मारपीट में घिरते नजर आए तो महिलाओं द्वारा झूठे आरोप लगवाए जा रहे है।
उन्होंने कहा जब ताज आरोपियों पर मुकदमा दर्ज नही होगा तब तक पार्टी की ओर से विरोध किया जाएगा।