जीआरपी द्वारा गिरफ्तार अमित कश्यप अपने साथी रमजानी एवं असलम के एनकाउंटर में मारे जाने एवं गैंग में साथी मारूफ के जेल जाने के बाद अमित सहारनपुर में आकर छिप गया था। यहां से वह मुजफ्फरनगर में कोर्ट में सरेंडर का प्रयास कर रहा था। बृहस्पतिवार को उसे मुजफ्फरनगर में सरेंडर का प्रार्थना पत्र दाखिल करना था।
कहीं एनकाउंटर से बचने के लिए तो नहीं दी गिरफ्तारी
अलीगढ़ में हुई पुलिस मुठभेड़ में मारे गए रमजानी और असलम के साथी रहे 25 हजार के इनामी अमित कश्यप का मात्र एक तमंचा रखने के आरोप में जीआरपी ने चालान किया है। लेकिन जीआरपी की यह कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। जीआरपी के सूत्रों के अनुसार अमित कश्यप के सरेंडर के प्रयास की सूचना मुजफ्फरनगर पुलिस को लग गए थी और मुजफ्फरनगर पुलिस ने अमित को पकड़ने के लिए पूरा जाल फैला रखा था। प्रदेश भर में हो रहे एनकाउंटर तथा साथियों के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद अमित को डर था कि कहीं मुजफ्फरनगर अथवा सहारनपुर पुलिस उसका एनकाउंटर न कर डाले। चर्चा है कि जीआरपी से सेटिंग कर अमित मात्र आर्म्स एक्ट में चालान करा जेल चला गया।
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