अलनूर मीट एक्सपोर्ट प्लांट सील
- फोटो : अमर उजाला
पशु कटान के लिए बड़े पैमाने पर स्लाटिंग का लाइसेंस है। अपेडा से अलनूर प्लांट का (एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी) के नाम से पंजीकरण है। प्लांट में पार्टनर के रूप में अजय सूद और साइंस बैचलर सुनील सूद दर्शाए गए हैं। मीट सप्लाई करने में यह प्लांट भारत में चौथे पायदान पर है, जो दुनियाभर के 35 देशों में मीट सप्लाई करता है। यहां से अफ्रीका, यूएसए समेत अन्य देश शामिल है, जिन्हें मीट एक्सपोर्ट किया जाता है। बताया गया है कि कंपनी का वार्षिक टर्नओवर करोड़ों रुपये में है।
निराना के लोगों ने की थी शिकायत
मीट प्लांट के निकट बसे गांव निराना की प्रदूषण नियंत्रण संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री के साथ डीएम को शिकायत भेजी थी। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विवेक रॉय ने बताया कि निराना के लोगों ने दूषित पानी व प्रदूषण फैलने से आंख खराब होने के अलावा कैंसर जैसी बीमारियां पैदा होना बताया था। इसके चलते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गांव के आसपास बनी अलनूर समेत करीब आधा दर्जन इंडस्ट्रियों को नोटिस भेजा था।
2017 में पड़ा था प्रशासन का छापा
प्रदेश में सत्ता बदलते ही अलनूर मीट प्लांट पर 24 मार्च 2017 को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, श्रम विभाग, जिला पंचायत, परिवहन विभाग, फूड विभाग समेत कई विभागों के अधिकारियों ने मीट प्लांट का निरीक्षण किया था।
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