क्या होगा खास
विद्या नॉलेज पार्क में लगने वाले तीन दिवसीय शिविर में संघ प्रमुख मोहन भागवत श्रीराम मंदिर, बांग्लादेशी हिन्दुओं को केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली नागरिकता, कश्मीर मुद्दा आदि पर चर्चा हो सकती है।
सूत्रों की मानें तो शिविर में भाग लेने के लिए मेरठ प्रांत के 18 से 45 की उम्र वाले ऐसे सभी स्वयंसेवकों को बुलाया गया है जो प्रथम, द्वितीय या तृतीय शिविर में प्रशिक्षण ले चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत फरवरी में मेरठ आए थे। उस दौरान उन्होंने अपने 35 मिनट के संबोधन में संदेश दिया था कि संघ के हिंदुत्व का एजेंडा अब विस्तार ले चुका है। लेकिन इस हिंदुत्व के एजेंडे में सबसे पहले जातीय विद्वेष की बढ़ती खाई के साथ भाषा, क्षेत्र और पूजा पद्धति को लेकर हो रहे संघर्ष को दूर कर उसे पाटना है।
खास बात यह है कि डॉ. मोहनराव भागवत का संबोधन पूरी तरह आपसी भेदभाव मिटाने पर केंद्रित रहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बढ़ते जातीय संघर्ष को देखते हुए बनायी गयी रणनीति के मद्देनजर जिस सोच के साथ राष्ट्रोदय का आयोजन मेरठ प्रांत में किया गया था सर संघ चालक के संबोधन में वह एजेंडा साफ नजर आया था।
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