मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में निशुल्क एक्सरे की सुविधा है, लेकिन लैब टेक्नीशियन की पढ़ाई कर रहे छात्र ने एक एक्सरे के 16 हजार रुपये ले लिए। मामला प्राचार्य के संज्ञान में आया तो उन्होंने तीन चिकित्सकों की कमेटी बनाकर जांच बैठा दी है। प्रथम दृष्टया जांच में आरोप सही पाए गए हैं। साथ ही पीड़ित लोगों के पैसे भी वापस करा दिए हैं। लैब टेक्नीशियन के छात्र पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
शनिवार को हापुड़ के एक मरीज को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। उसके पैर में फ्रैक्चर था, जिसका एक्सरे करने के लिए लैब टेक्नीशियन द्वितीय वर्ष के छात्र ने 16000 रुपये ले लिए। इसकी शिकायत पीड़ित परिवार ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से की। मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि दोनों पक्षों को बुलाया गया था, जिसमें यह बात सामने आई है कि 16000 रुपये लिए गए थे। छात्र के अनुसार परिवार ने कहा था कि यह केस में काम आएगा, उनकी मदद कर दें।
और मामलों में भी तो नहीं लिए गए पैसे
प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इसमें रेडियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ ज्ञानेश्वर टांक, सर्जरी के प्रोफ़ेसर डॉ वीरेंद्र कुमार और इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर हर्षवर्धन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हो सकता है, इस तरह के और भी मामले इमरजेंसी में रहे होंगे, इसलिए इसकी कई बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है।
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एक्सरे के रसीद नंबर पर एमआरआई मामले की नहीं मिली रिपोर्ट
मेडिकल कॉलेज में दो महीने पहले एक मामला संज्ञान में आया था कि एक्सरे के तीन रसीद नंबरों पर एमआरआई कराई गई है। इसके लिए प्राचार्य ने 5 सदस्य कमेटी का गठन किया था, जिसने अभी तक रिपोर्ट नहीं दी है।
मेडिकल में इमरजेंसी में निशुल्क एक्सरे होता है जबकि रेडियोलोजी विभाग में 28 रुपये में एक्सरे होता है जबकि एमआरआई के दो हजार रुपये लगते हैं। मार्च में यहां भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक (कैग) की चार सदस्य टीम ऑडिट करने के लिए आई थी। जांच के दौरान उसके संज्ञान में यह मामला आया था। प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि इस मामले की भी विस्तृत जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।
संक्रमण को लेकरअस्पतालों में 18 जून को रिहर्सल
कोरोना की संभावित लहर को देखते हुए शासन द्वारा मंडलायुक्त और सीएमओ को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। जिले में सभी अस्पतालों में 18 जून को सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक रिहर्सल के लिए कहा गया है। साथ ही ड्यूटी रोस्टर में वार्ड ब्वॉय, सफाई कर्मी, एंबुलेंस चालक और फार्मासिस्ट भी हिस्सा लेंगे। शासन स्तर से डीएम को निर्देशित करते हुए रिहर्सल के पर्यवेक्षण के लिए प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त करने के लिए भी कहा गया है। रिहर्सल में अस्पतालों में मौजूद सभी उपकरणों की क्रियाशीलता की भी जांच होगी।