शहर में निजी स्कूल बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं। स्कूलों की बसों को अनट्रेंड हाथों में सौंप रखा है, इन चालकों के पास न तो बस चलाने की अनुमति है और न नियमों की जानकारी। शुक्रवार को ट्रैफिक पुलिस ने 130 स्कूल बसों को चेक किया गया तो 36 बसों के चालक बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करते मिले। किसी चालक पर डीएल नहीं था तो कई चालक बिना सीट बेल्ट लगाए ही बस दौड़ाते मिला। पुलिस ने इन 36 बसों के चालान काट दिये।
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेयी ने बताया कि शासन द्वारा निर्देश दिए गये थे कि दो जुलाई से पूरे प्रदेश में स्कूल खुले हैं। ऐेसे में कई बार स्कूल बसों की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण हादसे होने का डर रहता है। जिसको लेकर डीजीपी ओपी सिंह ने एडीजी जोन, आईजी और सभी जिलों के एसएसपी व एसपी ट्रैफिक को निर्देश दिए हैं कि बिना मानकों के स्कूल बसें चलती मिली तो सीधी कार्रवाई की जाए।
स्कूलों की छुट्टी के बाद एसपी ट्रैफिक, टीआई सुनील कुमार, टीएसआई डीडी दीक्षित, नदीम खान और सभी एचसीपी सड़कों पर उतर गए। इस दौरान मुख्य रूप से जीरो माइल, कमिश्नरी आवास चौराहा और विवि रोड पर अभियान चलाया गया। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि 130 बसों को चेक किया गया। 35 बसें ऐसी मिलीं, जिनके चालकों ने ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं किया। बिना डीएल, बिना सीट बेल्ट के बस चलाना, स्कूल बस में प्राथमिक उपचार बॉक्स भी नहीं मिले। बसों की बैक लाइट भी बंद मिली।
तेज गति से चलती मिली स्कूल बस
कमिश्नरी आवास चौराहे से मवाना रोड की तरफ स्कूल बस का एक चालक बस को अंधाधुंध भगाते मिला। टीएसआई डीडी दीक्षित ने बताया कि इंटरसेप्टर गाड़ी में लगे कैमरे की रडार से बस की गति चेक की गई तो स्पीड 70 किमी प्रति घंटा थी। बस का चालान कर दिया गया।
मई में चला था 15 दिन का अभियान
एक मई से 15 मई तक भी स्कूल बसों को लेकर अभियान चलाया गया था। 15 दिन के उस अभियान में बिना परमिट छह स्कूल बस, ऑन स्कूल ड्यूटी नहीं लिखने पर 13 वाहन, बस में निर्धारित बच्चों की संख्या से अधिक मिलने पर दो, प्राथमिक उपचार बॉक्स न मिलने पर नौ, बिना सीट बेल्ट के स्कूल बस चलाने में 24, परिवहन विभाग का हेल्पलाइन नंबर व पुलिस का नंबर न लिखने पर 12 स्कूल बसों पर कार्रवाई की गई थी।
मेरठ में सबसे ज्यादा कार्रवाई
एसपी ट्रैफिक ने बताया एक जनवरी से लेकर 15 मई तक जोन में मेरठ शहर में सबसे ज्यादा कार्रवाई की गई। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 96 बसों पर मई माह में कारवाई की गई थी। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि सभी स्कूल प्रबंधकों को पत्र लिखा गया कि स्कूल बसों में खामियां मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।